यदि आप महंगे अस्पताल में इलाज कराते हैं, तो आने वाले दिनों में आपको हेल्थ इंश्योरेंस के तहत बीमा कंपनी को ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है। यहीं नहीं, शहरों के आधार पर भी आपका प्रीमियम ज्यादा और कम हो सकता है।
यानी मेट्रो शहर में इलाज के लिए जहां ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है, वहीं छोटे शहरों में कम प्रीमियम की सुविधा मिल सकती है।
बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) की ओर से स्वास्थ्य बीमा उत्पादों के बारे में नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद कंपनियां जल्द ही इसकी शुरुआत कर सकती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली कंपनियां अलग-अलग अस्पतालों में इलाज पर होने वाले खर्च के अंतर को देखते हुए नए उत्पाद लाने की कवायद कर रही हैं।
कंपनियों के अनुसार एक ही तरह के इलाज की लागत अस्पतालों के आधार पर अलग-अलग होती है। यहीं नहीं, शहरों के अनुसार भी खर्च में अंतर में आता है। ऐसे में अस्पताल और शहर के आधार पर उत्पाद लाए जा सकते हैं।
भारती अक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के सीईओ और एमडी अमरनाथ अनंतनारायण ने अमर उजाला को बताया कि अस्पताल के आधार पर प्रीमियम तय करने के उत्पाद ग्रुप इंश्योरेंस में हैं। जहां तक व्यक्तिगत इंश्योरेंस में इस तरह के उत्पाद की बात है, तो इसकी संभावना आने वाले दिनों में है।
मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के सीईओ स्वराज कृष्णन के अनुसार अस्पताल के आधार पर नए उत्पाद लाने पर इंडस्ट्री में विचार चल रहा है। इसके तहत पॉलिसी देते वक्त ही ग्राहक से यह पूछा जा सकता है, कि आप इलाज की सुविधा किस तरह के वर्ग में आने वाले अस्पताल में लेना चाहते हैं, जिसके आधार पर प्रीमियम तय किया जाएगा।
बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के हेल्थ इंश्योरेंस विभाग प्रमुख सुरेश सुगाथन के अनुसार कंपनी अभी इस बात पर जोर दे रही है कि उसके नेटवर्क के तहत आने वाले अस्पताल इलाज के खर्च को कम रखे, जिससे ग्राहकों को लाभ मिले। इसके अलावा कंपनी आने वाले दिनों में शहरों के आधार पर प्रीमियम तय करने के मॉडल की संभावना भी तलाश सकती है।
एगॉन रेलिगेयर लाइफ इंश्योरेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अस्पतालों में इलाज के बढ़ते अंतर को देखते हुए अस्पतालों के वर्ग बनाकर प्रीमियम तय किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए यह भी जरूरी है कि एक ही तरह की सुविधा वाले अस्पतालों के इलाज खर्च में बहुत ज्यादा अंतर न रहे। इरडा जल्द ही हेल्थ इंश्योरेंस से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी करने वाला है, जिसके बाद इस तरह के उत्पाद बाजार में आ सकते हैं।