फाइनेंशियल प्लानिंग अपने सपने को साकार करने का एक सफर है] जिसका खाका बनाने में वित्तीय सलाहकार हमारी मदद करते हैं और हम उनकी सलाह लेते हुए विभिन्न संपत्ति वर्गों और विभिन्न अनुपातों में निवेश करते हैं।
समय-समय पर हम इसकी समीक्षा करते हुए इसे समायोजित करते रहते हैं। एक तरह से यह हमारा प्लान ‘ए है। बेशक हमारा ज्यादा जोर प्लान ‘ए पर होता है लेकिन हमें एक प्लान ‘बी भी तैयार रखना चाहिए। दरअसल मैं जिस प्लान ‘बी’ की बात करना चाह रहा हूं, वह विभिन्न किस्म के बीमा से संबंधित है।
पढ़ाई पूरी करने और कमाई शुरू करने के साथ ही जीवन बीमा की आवश्यकता शुरू हो जाती है। अगर यह जीवन बीमा है तो यह एक टर्म प्लान है। बीमा खरीदने के दौरान जीवन के हर चरण में हमें बीमा राशि और अवधि को ध्यान में रखना होगा।
आपको यह जानकर थोड़ी हैरानी होती है कि टर्म प्लान में चुना गया कार्यकाल लंबा होता है ऐसे में प्रीमियम बढ़ता जाता है। इस स्टेज पर आकर हमें अपने आश्रित माता-पिता के बारे में सोचना होगा। हमें उनके जीवन-निर्वाह के लिए एक पर्याप्त बैंक सावधि जमा करवानी होगी जिसके ब्याज से उनका काम भलीभांति चलता रहे।
यह एक आसान तरीका है और एक अच्छा प्रारंभिक बिंदु भी है। इसकी अवधि माता-पिता की अपेक्षित जीवन प्रत्याशा हो सकती है। इसके अलावा बीमा के जीवन के हर चरण शादी करने परिवार बनाने आवास ऋण आदि जैसी कोई अन्य देयता आदि के लिए आवश्यक है।
याद रखें बीमा प्लान ‘बी की तरह हैं और इसलिए उस उद्देश्य पर विचार किया जाना चाहिए जिसके लिए यह प्लान तैयार किया गया है। जैसे एक लड़की के लिए हमें शिक्षा लागत और शादी की लागत पर विचार करना चाहिए और उसी के अनुसार बीमा राशि का निर्णय लिया जाना चाहिए और इसकी अवधि आदर्श रूप से शादी की उम्र के आसपास होनी चाहिए।
वित्तीय योजनाकारों के परामर्श से कोई इमॉर्टलाइजेशन टूल का उपयोग कर सकता है और बीमा राशि को भी कम कर सकता है। लेकिन यह सलाह मैं इसलिए नहीं देता क्योंकि जीवन के सफर में आपको बीमा राशि में वृद्धि करने की आवश्यकता है।
आमतौर पर लोग लम्बे समय तक का बीमा खरीदते हैं। यहां तक कि बीमा कंपनियों के एजेंट भी इसका सुझाव दे रहे हैं। मेरी राय यह है कि बीमा कोई प्रॉफिट बनाने की चीज नहीं है बल्कि यह एक टूल है जिसे यह यह सोच कर लिया जा रहा है कि वित्तीय योजना के प्लान ‘ए वाले सफर में अगर घर का पालनपोषण करने वाले के साथ कुछ गडबड़ हो जाती है तो प्लान ‘बी काम आता है और परिवार को पैसे को लेकर कोई संकट नहीं झेलना पड़ता।