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पेंशन की टेंशन कुछ यूं होगी दूर

Mon, 17 Feb 2014 03:00 PM IST
अर्णव पांड्या/सर्टिफाइड फाइनेंशियल
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नौकरीपेशा हों या कारोबारी प्रत्येक व्यक्ति को पेंशन के पहलू पर जरूर ध्यान देना चाहिए। एक निश्चित उम्र के बाद जब हम रिटायर होते हैं, तो हमारी नियमित आमदनी रुक जाती है लेकिन हमारे दैनिक खर्चे पहले की तरह बने रहते हैं।
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ऐसे में हमें अपनी नौकरी या कारोबार के शुरुआती दिनों में ही पेंशन प्लानिंग कर लेनी चाहिए ताकि रिटायरमेंट के बाद भी हम अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में सक्षम रहें। जब भी फाइनेंशियल प्लानिंग करें, उसमें पेंशन प्रोडक्ट को जरूर शामिल करें।

क्योंकि, पेंशन प्लान में निवेश आपके बुढ़ापे को सुखमय एवं शांतिमय बनाने में महत्वपूर्ण साबित होता है। आज बाजार में बहुत से पेंशन प्रोडक्ट हैं, इसलिए अपनी जरूरतों, आमदनी और जोखिम की क्षमता आदि का विश्लेषण करने के बाद ही अपने लिए उपयुक्त पेंशन प्रोडक्ट चुनें। इसके लिए किसी वित्तीय सलाहकार की भी मदद ली जा सकती है।
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पेंशन उत्पादों की जरूरत को समझें
पेंशन दरअसल एक तरह की ऐसी आमदनी है, जो जीवन पर्यंत आपके रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करती रहती है। यानी, जब आप रिटायर हो जाएं और आपकी नियमित आमदनी रुक जाए, तो पेंशन (एन्यूटी) के रूप में आप अपनी नियमित आय सुनिश्चित कर सकते हैं।

हाल के कुछ सालों में पेंशन उत्पादों की महत्ता तेजी से बढ़ी है। इसकी दो अहम वजहें हैं। पहली, महंगाई तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब यह हुआ कि पहले जो भी प्लानिंग अपने कर रखी है वह अब पर्याप्त नहीं हो सकती है। यानी, अब आपको अपनी जीवन शैली को बनाए रखने के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे और उसके लिए अतिरिक्त आय की जरूरत पड़ेगी।

दूसरी वजह है जीवन प्रत्याशा में बढ़ोतरी। अब मनुष्य की औसत आयु पहले की अधिक हो गई है। इस कारण, रिटायरमेंट के बाद वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी कुछ सालों तक ही नहीं रहेगी, बल्कि यह लंबे समय तक बनी रहेगी। इसलिए, आपने पहले जो भी प्लानिंग की होगी, वह जीवन प्रत्याशा में बढ़ोतरी के चलते नाकाफी साबित हो जाएगी।

जरूरत के अनुसार चुनें पेंशन का तरीका
आमतौर पर पेंशन या एन्यूटी से आमदनी के दो तरीके हैं। तात्कालिक एन्यूटी और सतत एन्यूटी। तात्कालिक एन्यूटी ऐसे निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जिन्हें एकमुश्त रकम चाहिए होती है और भविष्य में उनके पास निरंतर नकद आमदनी के विकल्प उपलब्ध रहते हैं। यानी, एकमुश्त एन्यूटी या पेंशन उन लोगों के लिए खासा उपयोगी है, जो रिटायर हो चुके हैं और उनके पास भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है। इस स्थिति में निवेशकों को निवेश शुरू करने के समय के बारे में अधिक सोचने की जरूरत नहीं पड़ती है।

दूसरी ओर, डेफर्ड यानी सतत एन्यूटी के अंतर्गत व्यक्ति को एक निश्चित अवधि तक नियमित निवेश करना होता है, तब एक तय समय के बाद उसे पेंशन या एन्यूटी का भुगतान शुरू होता है। इसमें अधिकांश ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कम रकम की बचत की है आैर उसका निवेश किया है। यह निवेश की गई राशि रिटायरमेंट के समय नियमित पेंशन के रूप में शुरू होती है।

पेंशन प्रोडक्ट के उपलब्ध हैं कई विकल्प
पेंशन प्लानिंग के तहत निवेश के लिए आज बाजार में कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। हर व्यक्ति के पास उसकी जरूरत और क्षमता के अनुसार अपने लिए उपयुक्त पेंशन प्रोडक्ट चुनने की स्वतंत्रता है। बीमा कंपनियां कई तरह की पेंशन पॉलिसी उपलब्ध करा रही हैं। पेंशन प्रोडक्ट के रूप में निवेश के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम और म्यूचुअल फंडों का भी विकल्प उपलब्ध है। जब निवेश के इतने अधिक विकल्प हों तो बहुत सावधानी के साथ सही फैसला लेना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
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