सरकार ने एनएससी और पीपीएफ सहित सभी छोटी बचत योजनाओं पर जुलाई से सितंबर की तिमाही में ब्याज दरों में 0.1 फीसदी की कटौती की है। इस फैसले का मकसद रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद ब्याज दरों को कम करके बैंकिंग सेक्टर के अनुरूप बनाना है। आरबीआई इस साल तीन बार पॉलिसी रेट में कमी कर चुका है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को बैंकिंग सेक्टर के अनुरूप करने के लिए सरकार ने ब्याज दरें घटाई हैं।
2019-20 की दूसरी तिमाही के लिए जारी वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक पीपीएफ और एनएससी में सालाना ब्याज 8 फीसदी की जगह 7.9 होगी। वहीं, 113 महीने में परिपक्व होने पर किसान विकास पत्र 7.6 फीसदी ब्याज मिलेगा। अभी 112 महीने में परिपक्व होने पर 7.7 फीसदी ब्याज मिलता है।