निजी क्षेत्र में देश के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने देश का पहला कॉन्टेक्टलेस क्रेडिट व डेबिट कार्ड लॉन्च किया है। इस कार्ड के जरिए सिर्फ कार्ड को दिखाकर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट किया जा सकता है। भुगतान के लिए ग्राहक को मर्चेन्ट टर्मिनल में कार्ड की डिपिंग या स्वैपिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
इस तरह नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक पर आधारित यह कार्ड क्लोनिंग और अन्य तरह की गड़बड़ियों से निजात दिलाते हैं और पारंपरिक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से ज्यादा सुरक्षित होते हैं। इसके अलावा इसमें ट्रांजैक्शन को पूरा करने में पारंपरिक कार्ड की तुलना में समय भी कम लगता है।
एक के साथ एक फ्री मूवी टिकट
आईसीआईसीआई बैंक अपने इन कार्ड के साथ ग्राहकों को कई तरह के ऑफर व लाभ भी
उपलब्ध करा रहा है। इनमें डायनिंग, ग्रोसरीज और सुपरमार्केट में दोगुने
रिवॉर्ड प्वाइंट, बुक माई शो डॉट कॉम पर एक टिकट की बुकिंग पर दूसरा टिकट
मुफ्त मिलेगा।
इतना ही नहीं, इसके तहत 800 से अधिक रेस्टोरेंट्स पर डाइनिंग ऑफर, एयरपोर्ट लाउंज में
कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेज, एचपीसीएल आउटलेट्स में फ्यूल सरचार्ज पर छूट,
विल्स लाइफ स्टाइल वाउचर के लाभ और मुफ्त दुर्घटना बीमा व पर्चेज
प्रोटेक्शन शामिल हैं।
तीन शहरों में हुआ है पेश
बैंक के मुताबिक, उसके कोरल कॉन्टेक्टलेस क्रेडिट कार्ड और एक्सप्रेशंस वेव डेबिट कार्ड क्रमश: मास्टरकार्ड कॉन्टेक्टलेस और वीजा पेवेव तकनीक पर आधारित हैं। बैंक ने शुरुआती तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के गुड़गांव, हैदराबाद और मुंबई में इन कार्ड्स को पेश किया है।
इन शहरों में कॉन्टेक्टलेस पेमेंट को स्वीकार करने में सक्षम 1,200 से अधिक ईडीसी मशीनों को स्थापित किया गया है। मर्चेंट्स में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स, कॉफी शॉप, शॉपिंग मॉल और पेट्रोल पंप को शामिल किया गया है, जहां तेज ट्रांजैक्शन की काफी जरूरत पड़ती है। जल्द ही अन्य शहरों में भी यह सुविधा शुरू करने की योजना है।
क्या कहा कार्यकारी निदेशक ने
लॉन्च के मौके पर आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक राजीव सभरवाल ने कहा, "हमने हमेशा ही अपने ग्राहकों को विश्वस्तरीय बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं पेश करने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। देश में सबसे पहले कॉन्टेक्टलेस पेश किया जाना हमारी इसी सोच को दर्शाता है।"
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वे बोले, "इससे हमारे ग्राहकों को स्पीड के साथ-साथ ट्रांजैक्शन में बेहतर सुरक्षा भी मिलेगी। हमें उम्मीद है कि यह भारतीय पेमेंट इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम साबित होगा।"