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आयकर रिटर्न भरने से पहले तैयार कर लें ये जरूरी कागजात

Mon, 22 Jul 2013 12:25 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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यदि आप वेतनभोगी हैं या प्रॉपर्टी या ब्याज से आपको आमदनी है और अभी तक आपने रिटर्न नहीं भरा है, तो जल्दी करें आपके लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है।
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अकसर देखा जाता है कि कई आयकरदाता आखिरी क्षणों में रिटर्न भरने की जल्दबाजी करते हैं, जिसके चलते जाने-अनजाने उनसे कुछेक त्रुटियां हो जाती हैं। इस कारण उन्हें आगे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसलिए यह जरूरी है कि अपना आयकर रिटर्न समय रहते भरा जाए और उसके लिए आवश्यक तैयारियां पहले से ही कर ली जाए।

मसलन कि रिटर्न भरने के समय किस-किस तरह के दस्तावेज तैयार रखने चाहिए, किस आयकरदाता के लिए कौन सा रिटर्न फार्म है और उसे किस तरह भरा जाए वगैरह। इन सभी बातों को पहले से जान-समझ लेना आवश्यक है।
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बैंक स्टेटमेंट
बैंक स्टेटमेंट करदाता के लिए आय का एक अहम रिकॉर्ड होता है। इससे साफ हो जाता है कि एक वित्तवर्ष में आयकरदाता की आमदनी कितनी रही है। करदाता को बैंक अकाउंट के डेबिट या क्रेडिट हुए हरेक आइटम की पड़ताल करनी चाहिए, ताकि यह निर्धारित हो सके कि उनमें से किस पर करदेयता है और किस पर नहीं है।

फॉर्म 16 या 16ए
फॉर्म 16 एक तरह का सर्टिफिकेट है जिसे नियोक्ता जारी करता है। इसमें नियोक्ता द्वारा वित्तवर्ष के दौरान कर्मचारी के वेतन से टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) का ब्योरा होता है। कर्मचारियों को यह वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद 31 मई तक उपलब्ध करा दिया जाता है।

वहीं, फॉर्म 16ए प्रोफेशनल फीस, किराया, एफडी पर ब्याज जैसी आय से टीडीएस का सर्टिफिकेट होता है। इसे तिमाही आधार पर दिया जाता है। यह इस बात का प्रमाण होता है कि वर्ष के दौरान करदाता की आमदनी से टैक्स पहले ही काटकर सरकार के खाते में जमा करा दिया गया है।

टैक्स चालान या रसीद
यह एक अहम दस्तावेज है। एडवांस टैक्स भुगतान की रसीद या भुगतान का विधिवत चालान रिटर्न भरने से पहले अपने पास रख लेना चाहिए। सेल्फ असेसमेंट के आधार पर जमा किए गए टैक्स के लिए यह रखना जरूरी है।

फॉर्म 26एएस
फॉर्म 26एएस में वित्त वर्ष के दौरान आयकरदाता के परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) के जरिए टैक्स अधिकारियों द्वारा उसके आमदनी पर की गई टैक्स की कटौती और उसके भुगतान का पूरा ब्योरा होता है। रिटर्न भरने से पहले करदाता को इसे आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल www.incometaxindiaefiling.gov.in से अपना यूजर आईटी व पासवर्ड बनाकर डाउनलोड कर लेना चाहिए।

बीमा व पीपीएफ की रसीद
आयकरदाता को रिटर्न भरने से पहले जिन दस्तावेजों को सहेजने की जरूरत पड़ती है, उनमें टैक्स बचाने वाले खर्चों की रसीद भी शामिल है। आयकरदाता को जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, पीपीएफ, हाउसिंग लोन पर ब्याज, स्कूल फीस आदि के भुगतान की रसीद जरूर संभालकर रख लेनी चाहिए।

इसके अलावा, शेयर या सिक्युरिटीज की बिक्री पर कैपिटल गेन की स्थिति में करदाता को इससे जुड़े सभी संबंधित कांट्रेक्ट नोट और डीमेट अकाउंट स्टेटमेंट सुरक्षित रख लेनी चाहिए। वहीं, यदि अचल संपत्ति की बिक्री पर कैपिटल गेन हुआ हो, तो संबंधित खरीद व बिक्री एग्रीमेंट करदाता के रिकॉर्ड में होना चाहिए।
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