म्यूचुअल फंड सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से हैं जो नए निवेशकों, अधिक अनुभवी निवेशकों और निवेश में व्यापक रूप से अनुभवी लोग चुन सकते हैं। स्मार्ट और सोच-समझकर फैसले लेने के लिए अपने ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता और इसका उत्साह होना आवश्यक है। संक्षेप में, म्यूचुअल फंड एक निवेश योजना है जो निवेश प्रोडक्ट बनाने के लिए कई निवेशकों के धन को पूल में एकत्रित करती है। फिर फंड मैनेजर इस पैसे को स्टॉक, गोल्ड, बॉन्ड आदि सहित विभिन्न प्रतिभूतियों को खरीदने के लिए निवेश कर सकता है। हालांकि, प्रत्येक म्यूचुअल फंड का एक निश्चित उद्देश्य होता है।
आप या तो म्यूचुअल फंड में एक व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के माध्यम से निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए निवेशक को निश्चित अंतराल में या एकमुश्त निवेश के माध्यम से समय-समय पर निवेश करने की आवश्यकता होगी। म्यूचुअल फंड खाता खोलना सहज और सुविधाजनक है, क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आज पहली बार निवेशकों को पंजीकरण प्रक्रिया को कुछ ही मिनटों में और पूरी तरह से कागज रहित तरीके से पूरा करने में मदद करते हैं, यह जानना महत्वपूर्ण है कि निवेश करने के लिए सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें।
आइए
Groww के सह-संस्थापक और सीओओ हर्ष जैन के मुताबिक जानते हैं कि सही म्यूचुअल फंड चुनने के चरण क्या हैं-
1) अपनी रिसर्च करें
जब सही म्यूचुअल फंड चुनने की बात आती है, तो विचार करने के लिए कई पैरामीटर हैं - रिटर्न की उम्मीद, जोखिम को लेकर सहनशीलता, निवेश का होराइजन, निवेश का ज्ञान, आदि, और निवेश को पिछले प्रदर्शन, व्यय अनुपात, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), आपके फंड मैनेजर का अनुभव, और बहुत कुछ के आधार पर आंका जा सकता है। प्रारंभ में अपनी निवेश यात्रा शुरू करने से पहले कुछ हद तक रिसर्च करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रिसर्च आपको अधिक सूचित विकल्प बनाने में मदद करेगा और आपको म्यूचुअल फंड स्पेस में "क्या क्या है" के बारे में स्पष्टता प्राप्त करने में सक्षम करेगा।
2) अपना लक्ष्य जानें
म्यूचुअल फंड चुनने से पहले, पहला कदम लक्ष्य तय करना है - वह समय सीमा जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं, रिटर्न की उम्मीदें, आदि, क्योंकि ये आपको एक ऐसा फंड चुनने में मदद करेंगे जो आपकी जरूरतों के लिए सबसे उपयुक्त हो। हालांकि, एक स्पष्ट लक्ष्य के अभाव में भी किसी को अपनी यात्रा की अवधि कम करने की आवश्यकता नहीं है।
एक लक्ष्य में निवेश का उद्देश्य भी शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए, उच्च शिक्षा, घर के लिए डाउन पेमेंट, या सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घकालिक लक्ष्य भी हो सकते हैं। लक्ष्य के आधार पर, कोई सही म्यूचुअल फंड श्रेणी - डेट म्यूचुअल फंड, इक्विटी म्यूचुअल फंड, या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड का निर्धारण करने में सक्षम होगा।