इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया बेहद आसान है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से फाइल कर सकते हैं। आयकर रिटर्न ऑनलाइन भरने के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट (https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home) पर जाना होगा। उसके बाद आपको वेबसाइट पर लॉग-इन करना होगा। इसके लिए आपको यूजर आईडी, पासवर्ड और जन्म की तारीख बतानी होगी। अगर आपके पास आईडी नहीं है तो नया बना सकते हैं।
आईडी बन जाने के बाद सबसे पहले आप फॉर्म-16 और फॉर्म 26-एएस डाउनलोड करें और उसे बारीकी से भरें। उसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न का फॉर्म डाउनलोड करें और उसे बेहद ही सतर्कता से भरें। फिर उसे सत्यापित करें। इस तरीके से आप अपना आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
आईटीआर फाइल करने के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप अपना आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो आपको वित्तीय लेन-देन से जुड़े हर दस्तावेज को अपने पास रखना जरूरी है। इनमें सबसे जरूरी जो दस्तावेज हैं, वो हैं- फॉर्म-16, फॉर्म 26-एएस, बैंक का विवरण, गृह ऋण ब्याज प्रमाण पत्र (होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट), पैन कार्ड और आधार कार्ड।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कर निर्धारण वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न के सभी फॉर्म जारी कर दिए हैं। नए फॉर्म में वेतनभोगी करदाताओं को वेतन के अलग-अलग ब्योरे के साथ ही कारोबारियों को जीएसटी नंबर और टर्नओवर भी बताना होगा।
इन लोगों को भरना होगा आईटीआर-2
यह फॉर्म उन लोगों को भरना होगा जो व्यक्तिगत तौर पर रिटर्न फाइल करते हैं। इसके साथ ही हिन्दू अविभाजित परिवार और एनआरआई को भी यह फॉर्म फाइल करना होगा। इस फॉर्म में केवल प्रॉफिट या फिर बिजनेस अथवा प्रोफेशन से होने वाले लाभ का जिक्र नहीं करना होगा। इस फॉर्म में एक घर के अलावा अन्य घर से होने वाली इनकम, कैपिटल गेंस, सैलरी के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
इस बार केवल सिंगल पेज का फॉर्म
सीबीडीटी ने इस बार केवल सिंगल पेज का रिटर्न फॉर्म जारी किया है। इस पेज को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है और वहां से डाउनलोड भी किया जा सकता है। फार्म का प्रिंटआउट लेने की जरुरत नहीं है। आयकर दाताओं को केवल इसको लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप पर भरकर इसे बाद में सबमिट करना होगा।
असेसमेंट ईयर 2017-18 में विशेष अवधि के दौरान नकद जमा कराने के संबंध में जानकारी माँगी गई थी, लेकिन असेसमेंट ईयर 2018-19 के फॉर्म में इस कॉलम को हटा दिया गया है। विभाग के अनुसार करीब तीन करोड़ आयकरदाता इस एक पेज के सहज फॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
इसका उपयोग ऐसे आयकरदाता कर सकते हैं, जिनका वेतन, एक आवासीय संपत्ति/ब्याज सहित अन्य मद से 50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय है। फॉर्म 16 में दिए गए वेतन तथा आवासीय संपत्ति का विवरण इसमें देना होगा।
जारी हो चुकें हैं 8 आईटीआर फॉर्म
आयकर विभाग अब तक आईटीआर के आठ फॉर्म को जारी कर चुका है। यह हैं आईटीआर 3, आईटीआर 4, आईटीआर 4S (सुगम), आईटीआर 5, आईटीआर 6 और आईटीआर 7। गौरतलब है कि आईटीआर 5.6 और7 कंपनियों के रिटर्न दाखिल करने के लिए है। वहीं पहले 5 आईटीआर व्यक्तिगत व अविभाजित हिंदु परिवारों के लिए लागू है। इसमें भी आईटीआर 1 और आईटीआर 2 बेहद जरूरी रिटर्न फॉर्म हैं।