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ऐसे घटाएं स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम, नहीं होगी मेडिकल आपातकाल में आर्थिक परेशानी

Mon, 20 Aug 2018 10:10 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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health reporting
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आज के इस दौर में स्वास्थ्य बीमा का कवरेज लेना बहुत जरूरी बन गया है, चाहे वह कोई भी क्यों न हो। जरा सोचिए कि आप किसी भी छोटी-सी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं और डॉक्टर के पास जाते ही आपकी जेब अच्छी खासी ढीली हो जाती है और अगर बीमारी कहीं बड़ी हो गई, तो ऐसे में आपका पूरा बजट गड़बड़ा जाता है और आपको आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ जाती है। मेडिकल आपातकाल से कभी भी किसी का भी पाला पड़ जाता है और इससे उसकी आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक चिंता भी बढ़ जाती है। हम यहां बता रहे हैं कि आप अपने स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम कैसे कम कर सकते हैं।

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कम उम्र में ही स्वास्थ्य कवर खरीदें

बात जब स्वास्थ्य बीमा के कवर खरीदने की हो तो ऐसे कई पहलू होते हैं, जिसे ध्यान में रखना पड़ता है और बीमाकर्ता की उम्र भी इसी में से एक है। अच्छा यह होगा कि युवावस्था में ही पॉलिसी खरीद लिया जाए ताकि उसका प्रीमियम कम भरना पड़े। ऐसा इसलिए कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे बीमारियों को घेरने का खतरा भी बढ़ जाता है।

अच्छी राशि की पॉलिसी लें

यह अत्यंत आवश्यक है कि आप हमेशा अपनी उम्र, सेहत और आय को ध्यान में रखते हुए किसी अच्छी बीमित राशि की पॉलिसी खरीदें। पॉलिसी खरीदते समय यह हमेशा ध्यान रखें कि कम बीमित या जरूरत से ज्यादा बीमित राशि की पॉलिसी दोनों परेशानियां खड़ी कर सकती हैं। अगर आप जरूरत से ज्यादा राशि की पॉलिसी लेते हैं तो आपका प्रीमियम आपकी जेब पर भारी पड़ेगा और अगर आप कम बीमित राशि की पॉलिसी लेते हैं तो हो सकता है कि इलाज के लिए आपकी बीमा की रकम कम पड़ जाए। इसके अतिरिक्त बीमा लेते समय मुद्रास्फीति की दर को भी ध्यान में रखना पड़ता है। उदाहरण के लिए आज की तारीख में पांच लाख रुपये का बीमा आज से 5-10 साल बाद नाकाफी होगा।
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स्वैच्छिक सह अदायगी का चुनाव करें

अगर आप नौजवान और सेहतमंद हैं तो आप स्वेच्छा से बड़ी राशि का चुनाव कर सकते हैं। क्योंकि इस हालत में आपको बीमा कंपनी द्वारा प्रीमियम छूट मिलती है। चूंकि युवावस्था में बीमार पड़ने की आशंका कम होती है, अतएव बीमा कंपनी से बड़ी राशि का सस्ता प्रीमियम वाला बीमा खरीदा जा सकता है। अगर आप युवा हैं और अगर आपकी आय ठीक-ठाक है तो यह सोने पर सुहागा होता है। आप सह अदायगी (को पेमेंट) का चुनाव कर सकते हैं, जिसके तहत दावे के निराकरण के समय बीमाकर्ता को कुछ हिस्सा अदा करना पड़ता है।

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ऑनलाइन करें खरीदारी

चूंकि ऑनलाइन बीमे की खरीदारी पर कई तरह के ऑफर और छूट आते रहते हैं इसलिए आप ऑनलाइन ही स्वास्थ्य बीमा की पॉलिसी खरीदें। यह एजेंटों द्वारा बेची जाने वाली पॉलिसी से सस्ता होता है क्योंकि इससे कंपनियों को एजेंटों को कमीशन नहीं देना पड़ता है। इस कमीशन के बचने का फायदा ग्राहकों को ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके अलावा ऑनलाइन पॉलिसी खरीदने से इधर उधर के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाती है।

लंबी अवधि वाली पॉलिसी चुनें

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों को हर साल नवीनीकरण कराना पड़ता है। हालांकि कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो एक बार में 2-3 साल तक का बीमा कवर प्रदान करती हैं। चूंकि लंबी अवधि वाली बीमा पॉलिसियों पर कंपनी की तरफ  से छूट प्रदान किया जाता है, अतएव ऐसी पॉलिसी खरीदना अच्छा होता है।

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी अपनाएं

स्वास्थ्य बीमा चुनते समय यह आवश्यक होता है कि आप अपने परिवार के सदस्यों का बखूबी ध्यान रखें। इसके लिए बीमाकर्ता चाहे तो फैमिली फ्लोटर पॉलिसी का चुनाव कर सकता है, जिसमें सभी बीमित सदस्यों पर बीमित राशि का प्रीमियम विभाजित कर दिया जाता है। चूंकि प्रीमियम की अदायगी कवरेज के आधार पर होती है अतएव स्वास्थ्य बीमा कंपनियां आपकी आवश्यकता के अनुरूप आपकी कवरेज में फेरबदल करने की इजाजत देती हैं।

दावा नहीं तो बोनस प्लान

इसके तहत अगर बीमाकर्ता ने सालभर में कोई दावा नहीं किया है तो कंपनियां दावा बोनस प्रदान करती हैं। अतएव इस विशेष प्रावधान की भी जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए। आप चाहें तो इस दावा बोनस का उपयोग बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम की अदायगी कर बड़ा कवरेज लेने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

( ज्योति पुंजा, सीओओ एवं ग्राहक अधिकारी, सिग्ना टीटीके हेल्थ इंश्योरेंस )
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