केंद्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड ने हाल ही में एक नोटफिकेशन जारी किया है जिसमें 2019-20 के लिए निवेश पर टैक्स कटौती का लाभ लेने के लिए अवधि को 31 जुलाई 2020 तक बढ़ा दिया है। आयकर कानून के तहत कई तरह की टैक्स कटौती मिलती है जिसमें धारा 80सी (इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, एनएससी), 80डी (मेडिक्लेम), 80जी (दान) शामिल हैं।
इस कटौती में एनपीएस यानि राष्ट्रीय पेंशन स्कीम के तहत निवेश को भी शामिल किया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड की ओर से बदलाव किए गए बिंदुओं का यहां पढ़ें...
1. पेंशन फंड रेगुलेटर ने एक ट्वीट में कहा है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए टैक्स सेविंग्स निवेश की तारीख 31 जुलाई 2020 तक बढ़ा दी है, अतिरिक्त लाभ के लिए एनपीएस में 50,000 रुपये निवेश कर सकते हैं।
2. आईटी एक्ट की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस टियर 1 में निवेश करने पर 50,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। अगर आप पुराने टैक्स स्लैब के तहत टैक्स दे रहे हैं तो इसका लाभ उठा सकते हैं लेकिन अगर आपने नए टैक्स स्लैब के तहत टैक्स जमा किया है तो इसका फायदा नहीं उठा सकते हैं।
3. अतिरिक्त 50,000 टैक्स कटौती आईटी एक्ट की धारा 80सीसीडी (1) के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की छूट में शामिल है। एक बात का ध्यान रखना होगा कि एक वित्तीय वर्ष के दौरान 80सी, 80सीसीसी, 80सीसीडी (1) पर मिलने वाली छूट डेढ़ लाख से ज्यादा नहीं हो सकती।
4. एक अप्रैल से लागू हुए नए टैक्स स्लैब के तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य, 2.5 लाख से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच फीसदी, पांच लाख से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर दस फीसदी, 7.5 लाख रुपये से दस लाख रुपये तक की सालाना आय पर 15 फीसदी, दस लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर 20 फीसदी, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25 फीसदी और 15 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी कर लगता है।
5. पेंशन फंड रेगुलेटरी ने एनपीएस में अकाउंट खुलवाने के लिए वन टाइम पासवर्ड की सुविधा मुहैया कराई थी। ऑनलाइन तरीके से एनपीएस के खाते को खोलने की सुविधा दी गई है जो बिना पेपर के सिर्फ एक हस्ताक्षर पर हो जाती है।