कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) इस साल अगस्त से अपने खाताधारकों को पीएफ का पैसा ऑनलाइन निकालने की सुविधा प्रदान कर सकता है। इस कदम से कागजी कार्रवाई कम करनी पड़ेगी और खाताधारकों को मिलने वाली सेवा भी बेहतर होगी। इस सुविधा में पीएफ निकासी के दावे को निपटाने में कुछ घंटे लगेंगे।
ईपीएफओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगस्त तक इस सुविधा को शुरू किए जाने की संभावना है। संगठन ने पहले ही अपने रिकार्ड्स और प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप दे दिया है।
इसके लिए ओरेकल ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
इस साल से शुरू होगी सुविधा
उन्होंने बताया कि संगठन गुड़गांव, दिल्ली के द्वारका और सिकंदराबाद में
तीन सेंट्रल डाटा केंद्र स्थापित करने के लिए जल्द ही ब्लेड सर्वर की खरीद
करेगा।
ये तीनों केंद्र ईपीएफओ के सभी 123 कार्यालयों से जुड़े होंगे।
सर्वर खरीदने का काम मई तक पूरा हो जाएगा और जून से इसका परीक्षण शुरू हो
जाएगा। उन्होंने बताया कि जून और जुलाई महीने में इस प्रक्रिया के गहन
परीक्षण ऑनलाइन पीएफ निकासी सुविधा इस साल अगस्त में शुरू की जाएगी।
इस
सुविधा के शुरू हो जाने के बाद खाताधारक निकासी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर
सकते हैं। इसके बाद धन सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
पीएफ जमा पर बोनस के लिए तैयार नहीं होंगे मजदूर संघ
संघ समर्थित भारतीय मजदूर संगठन सहित तमाम श्रम संगठन चालू वित्त वर्ष में पीएफ जमा पर नौ फीसदी ब्याज देने पर जोर देंगे। इन संघों ने फैसला किया है कि वर्तमान ब्याज दर 8.75 फीसदी के साथ सभी को 200 रुपये बोनस देने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। 16 फरवरी को ईपीएफओ के ट्रस्टियों की बैठक होने वाली है।
भारतीय मजदूर संघ के महासचिव ब्रिजेश उपाध्याय ने कहा कि वे लोग चालू वित्त वर्ष के लिए नौ फीसदी ब्याज दर की मांग करेंगे। इस योजना में बोनस मुहैया कराने का कोई प्रावधान नहीं है। हम ऐसे किसी भी प्रस्ताव का विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय पर छोटी बचत योजनाओं पर निम्न ब्याज दर बनाए रखने का दबाव है। श्रम मंत्री के साथ विचार-विमर्श में उन्होंने संभवत: ईपीएफ पर निम्न ब्याज दर रखने के विकल्प पर चर्चा किया होगा। पिछले माह ईपीएफओ की सलाहकार समिति की बैठक में हर खाताधारक को 8.75 फीसदी ब्याज के साथ 200 रुपये बोनस देने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई थी।
लेकिन भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि और ईपीएफओ के ट्रस्टी पीजे बनासुरे ने इसे खारिज कर दिया था। बनासुरे ने कहा था कि सभी तरह के खाताधारकों को आप एक समान 200 रुपये बोनस नहीं दे सकते। इससे जो लोग इस खाते में ज्यादा पैसा जमा करते हैं वे हतोत्साहित होंगे।