हिट होने लगी मोदी सरकार की मुद्रा योजना
छोटे कारोबारियों, खास कर सड़कों और फुटपाथों पर धंधा करने वाले असंगठित क्षेत्र के कारोबारियों को बैंकों से सस्ते दर पर लोन दिलवाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रचारित मुद्रा योजना हिट हो गई दिखती है। सरकार द्वारा इसकी सफलता के लिए चलाये गए विशेष अभियान की वजह से 31 मार्च 2016 तक इसके तहत 1.37 लाख करोड़ रुपये के लोन स्वीकृत किये जा चुके हैं। यह सरकार द्वारा तय किये गए लक्ष्य से अधिक है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2015-16 के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1.37 लाख करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत किया गया है। हालांकि इस अवधि के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपये का ही लक्ष्य तय किया गया था। इस दौरान लाभार्थियों ने 1.22 लाख करोड़ रुपये का उपयोग भी कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मुद्रा योजना के तहत बिना जमानत लिये या गारंटर का इंतजाम किये बिना ही 10 लाख रुपये का लोन मिलता है, जिससे छोटे और असंगठित क्षेत्र के उद्यमियों को काफी राहत मिली है। हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि इनमें से कितने लाभार्थी असंगठित क्षेत्र के हैं और कितने अन्य श्रेणी के।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2016 को मुद्रा योजना की शुरूआत की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि इस योजना में लघु, मंझोले एवं सूक्ष्म क्षेत्र के उद्योगपतियों से लेकर साइकिल ठीक करने वाले, पंचर लगाने वाले, पतंग बनाने वाले, मटकी बनाने वाले, चाय-पान बेचने वाले और पंसारी जैसे छोटे कारोबारियों को भी सस्ती ब्याज दरों पर लोन मिलेगा।