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पिछले साल से 12 लाख ज्यादा करदाताओं ने भरा आयकर रिटर्न, आधे से ज्यादा ने भरे सहज फॉर्म

Wed, 23 Dec 2020 06:49 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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Income tax department - फोटो : wiki
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महामारी से प्रभावित वित्तवर्ष में भी आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। आयकर विभाग ने मंगलवार को बताया कि 21 दिसंबर तक कुल 3.75 करोड़ करदाताओं ने रिटर्न भरा है, जो पिछले साल से 12 लाख ज्यादा है। 

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आधे से ज्यादा ने भरे सहज फॉर्म
आईटीआर-1 फॉर्म    2.17 करोड़ करदाता
आईटीआर-4 फॉर्म    79.82 लाख करदाता
आईटीआर-3 फॉर्म    43.18 लाख करदाता 
आईटीआर-2 फॉर्म    26.56 लाख करदाता


आयकर विभाग का कहना है कि अभी वित्तवर्ष 2019-20 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने में 10 दिन शेष हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल रिटर्न भरने वाले करदाताओं की संख्या चार करोड़ के पार जा सकती है। आयकर विभाग ने ट्वीट किया, क्या आपको पता है कि आकलन वर्ष 2020-21 के लिए 21 दिसंबर तक 3.75 करोड़ करदाताओं ने रिटर्न भर दिया है। आपने भी अपना रिटर्न भरा या नहीं। अगर नहीं भरा तो, अभी दाखिल कीजिए।

विभाग ने बताया कि रिटर्न भरने वाले कुल करदाताओं में से 2.17 करोड़ ने आईटीआर-1 फॉर्म भरा है, जबकि 79.82 लाख ने आईटीआर-4, 43.18 लाख ने आईटीआर-3 और 26.56 लाख ने आईटीआर-2 फॉर्म दाखिल किया है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए 2019-20 का रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2020 है। ऐसे करदाता जिनके खातों का ऑडिट होना है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2021 है।
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महामारी में दो बार बढ़ाई रिटर्न की तारीख
सरकार ने कोविड-19 महामारी की मुश्किलों को देखते हुए आयकर रिटर्न भरने की तारीख तीन बार बढ़ाई है। अमूमन हर वित्तवर्ष में 31 जुलाई तक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि रहती है। इस साल इसे बढ़ाकर पहले 31 अक्तूबर किया गया, फिर 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया। आयकर विभाग ने बताया कि वित्तवर्ष 2018-19 के लिए भी बिना विलंब शुल्क के 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई थी।

इसके तहत करदाताओं ने कुल 5.65 करोड़ रिटर्न भरे हैं। इस साल दाखिल कुल रिटर्न में आधे से ज्यादा करदाताओं ने आईटीआर-1 यानी सहज फॉर्म भरा है। इसमें ऐसे करदाता आते हैं, जिनकी वेतन से सालाना आय 50 लाख रुपये से कम होती है। इसके बाद सबसे सहज फॉर्म (आईटीआर-4) भरने वाले सबसे ज्यादा हैं, जिनकी संख्या करीब 80 लाख पहुंच गई है। कारोबार या पेशे से सालाना 50 लाख तक कमाई करने वाले करदाता ये फॉर्म भरते हैं।

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