फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट में पेश किया जाए नए आर्थिक सुधारों का ब्लू प्रिंट

विज्ञापन
विज्ञापन
उम्मीद है कि बजट में सरकार नए आर्थिक सुधारों का ब्लू प्रिंट पेश करेगी, जिससे कि देश की अर्थव्यवस्था सतत विकास के युग में प्रवेश कर सके। बजट में ऐसे उपाय किए जाने चाहिए, जो अर्थव्यवस्था में रिकवरी को बढ़ावा देकर 8 फीसदी की आर्थिक विकास दर तक ले जाए।
विज्ञापन


नई परियोजनाओं की शुरुआत तभी हो सकती है, जबकि मांग में फिर से तेजी लाने के कारगर उपाय बजट में किए जाएं। ऐसे में सरकार की ओर से बजट में पूंजीगत खर्च में किसी तरह की कटौती किए जाने का प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विनिवेश की दिशा में भी और अधिक केंद्रित रूप से कदम बढ़ाए जाने की जरूरत है।

शेयर बाजार में तेजी का दौर

शेयर बाजार में तो तेजी का दौर दिख रहा है, पर मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में रफ्तार लौटना अभी बाकी है। प्रधानमंत्री का मेक इन इंडिया अभियान तो प्रशंसनीय है, पर अब भी मंजूरी से जुड़ी प्रक्रियाओं में देरी और कराधान, श्रम संबंधी नीतियों और भूमि अधिग्रहण में नियामकीय स्तर पर बाधाएं अब भी कायम हैं, जिन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए।

ऐसा करने से न केवल 8 फीसदी की विकास हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह रोजगार पैदा करने और निर्यात बढ़ाने में भी काफी कारगर साबित होगा।
विज्ञापन

निचले तबके तक सीमित हो सब्सिडी

वित्तीय सुदृढ़ता के उपाय न केवल देश की मौद्रिक साख को बेहतर बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि इनसे विदेशी पूंजी का प्रवाह भी बढ़ेगा।

तेल की घटती कीमतों ने सब्सिडी के बोझ में उल्लेखनीय कमी की है, पर सब्सिडी को केवल समाज के निचले तबके के लिए ही सीमित किए जाने की जरूरत है।

राजस्व संग्रह में कमी और सामाजिक विकास की योजनाओं के लिए राशि उपलब्ध कराने जैसे मदों को सरकार विनिवेश को और तेजी देकर संतुलित कर सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें