केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर है। मंत्रालय ने कंपनी और कर्मचारियों के अंशदान में कमी किए जाने का प्रस्ताव रखा है। इससे कर्मचारियों का मासिक वोतन बढ़ जाएगा। नए नियम के तहत वर्तमान सीटीसी (कॉस्ट टू कंपनी) पर ही कर्मचारियों का मासिक वेतन बढ़ सकता है।
मौजूदा समय में कर्मचारियों के ग्रॉस मासिक वेतन में से 12 फीसदी अंशदान की कटौती पीएफ के लिए होती है। इसके साथ ही राशि उसकी कंपनी की ओर से भी उसके पीएफ खाते में जमा की जाती है। मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि पीएफ के लिए 10 फीसदी की ही कटौती की जाए।
अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो पीएफ कटौती से बचने वाला दो फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के खाते में मिलने वाले मासिक वेतन में जुड़ जाएगा। इस तरह कर्मचारियों का मासिक वेतन बढ़ जाएगा।
मंत्रालय ने ईपीएफ एंड एमपी एक्ट 1952 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इस पर आम लोगों की भी राय मांगी गई है। 22 सितंबर 2019 तक लोग अपने सुझाव भेज सकते हैं।
हाल ही में खबर आई थी कि घरों में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करने वाले व ड्राइवरों को भी पीएफ योजना का लाभ मिल सकेगा। श्रम मंत्रालय जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े कानून में बदलाव करने के लिए प्रस्ताव को तैयार कर रहा है। इस कानून में संशोधन के बाद इसको पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
अभी जो व्यवस्था है उसके हिसाब से कंपनियों व सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को ही पीएफ योजना का लाभ मिलता है। इसके दायरे में अन्य लोग जैसे कि स्व-रोजगार करने वाले लोग शामिल नहीं होते हैं।