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चिंता-मनी 11: पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना कितनी कारगार?

Mon, 24 Aug 2020 04:19 PM IST
‌डिंपल अलवधी नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार, नई दिल्ली

सार

मुरादाबाद के एक मेटल वर्क्स कंपनी में काम करने वाले 29 साल के संतोष प्रकाश जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बीमा के लिए कैसा विकल्प है। 
-नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना - फोटो : SELF
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विस्तार
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मजबूत वित्तीय बुनियाद के लिए जीवन बीमा एक आवश्यक उपाय है। लाइफ इंश्योरेंस अहम है, क्योंकि यह बीमाधारक की असमय मौत की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। कई तरह की जीवन बीमा पॉलिसी में जीवन के जोखिम से जुड़ी पॉलिसी को टर्म इंश्योरेंस के नाम से जाना जाता है, और यह सबसे सस्ती होती है, क्योंकि इसके प्रीमियम की लागत कम होती है और यह सिर्फ मृत्यु को कवर करता है, बचत या निवेश को नहीं। 

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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)
सरकार ने नौ मई, 2015 को सामाजिक कल्याण योजना के रूप में पीएमजेजेबीवाई की शुरुआत की थी, जो एक जीवन बीमा योजना है, जिसके तहत एक मुश्त दो लाख रुपये की राशि कवर की जाती है। इसका सालाना प्रीमियम 330 रुपये है और 18 से 50 वर्ष के उम्र के हर भारतीय इसके पात्र हैं, जिनके पास एक बैंक खाता होना चाहिए। हर वर्ष इसका नवीनीकरण करवाना होता है और यह पॉलिसी धारक के 55 वर्ष के होने तक जारी रहेगी। इससे जुड़ने के लिए एक बैंक खाता होना जरूरी है, और यह सिर्फ एक बैंक खाते से जोड़ी जा सकती है, चाहे आपके पास कितने भी खाते क्यों न हों। 

इस पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए आपको अपना आधार अपने बैंक खाते से जोड़ना होगा। इसके लिए आपको फॉर्म भरना होगा और एक स्वहस्ताक्षरित मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना होगा, जिसमें आपको बताना होगा कि पॉलिसी डिक्लेरेशन फॉर्म में दर्ज किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं। आपको आवेदन पत्र में नॉमिनी का नाम भी बताना होगा। इस योजना के शुरुआत के समय इसे जनधन खातों से स्वत: ही जोड़ दिया गया था, लेकिन इसके दुरुपयोग की शिकायत आने पर यह बदलाव किए गए हैं। 

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यह एक बहुत अच्छी पॉलिसी है, क्योंकि इसे आपके मौजूदा बैंक खाते से जोड़ा जा सकता है और इसमें कागजी कार्रवाई भी कम करनी पड़ती है। इसका प्रीमियम ऑटो डेबिट सुविधा से स्वत: ही नियत तारीख को खाते से निकल जाता है। इससे पॉलिसी के खत्म होने का जोखिम नहीं है। पॉलिसीधारक आयकर की धारा 80 सी के तहत आयकर में छूट के हकदार भी होते हैं। 

पीएमजेजेबीवाई का प्रबंधन
इस योजना का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और अन्य निजी जीवन बीमा निगम कंपनियां करती हैं। इसे लेने से आपको अपने बैंक से पता करना होगा कि वह इस योजना से संबद्ध है या नहीं और आवेदन के लिए क्या औपचारिकताएं पूरी करनी हैं। यों तो आप किसी वर्ष के किसी भी समय जुड़ सकते हैं और प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं, लेकिन इसकी प्रीमियम की रिनुअल (नवीनीकरण) की तिथि एक जून तय की गई है। 

यह जानना जरूरी है कि आपकी पॉलिसी का दावापूर्ति वही बीमा कंपनी करती है, जिसने इसे जारी किया है। नॉमिनी को भुगतान के लिए पॉलिसी धारक की मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ उस बैंक से संपर्क करना होगा, जहां के खाते से यह पॉलिसी जुड़ी थी। हो सकता है कि नॉमिनी से जरूरत पड़ने पर कुछ और दस्तावेज भी मांगे जाएं। बैंक और बीमा कंपनी को दावे से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद एक महीने के भीतर दावापूर्ति करनी होती है। 

क्या पीएमजेजेबीवाई पर्याप्त है?
संतोष प्रकाश अभी 29 साल के हैं और यदि उनके पास कोई और जीवन बीमा पॉलिसी नहीं है, तो उन्हें तुरंत पीएमजेजेबीवाई लेनी चाहिए। हालांकि सिर्फ इतना प्रयाप्त नहीं हो सकता, क्योंकि जीवन की वास्तवित जरूरतें भीन्न हो सकती हैं। उन्हें सुझाव है कि वह पूरी तरह से सिर्फ इसी पॉलिसी पर निर्भर न हों, उन्हें अपनी बीमा संबंधी जरूरतों का आकलन और अपनी क्षमता के अनुरूप अन्य पॉलिसी पर विचार करना चाहिए। 
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