कोरोना रक्षक इनडेम्निटी (क्षतिपूर्ति) की श्रेणी का इंश्योरेंस है, जो अस्पताल में कोरोना के इलाज में हुए उस पूरे खर्च का भुगतान करता है, जितने का सम एश्योर्ड है। जबकि कोरोना कवच अस्पताल में इलाज के दौरान हुए वास्तविक खर्च का भुगतान करता है, जिसमें कमरे का किराया, रहने तथा नर्सिंग के खर्च शामिल हैं। दोनों पॉलिसियों में न्यूनतम 15 दिनों का वेटिंग पीरियड है, जिसके बाद ही पॉलिसीधारक दावा कर सकते हैं।
जिनके पास पहले से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां हैं, वे अगर कोरोना कवच पॉलिसी लेते हैं और अस्पताल में इलाज कराकर इसका लाभ लेते हैं, तब भी अगले साल पहले से ली गई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से उन्हें नो क्लेम बोनस मिलेगा, क्योंकि कोरोना कवच छोटी अवधि वाली पॉलिसी है। चूंकि कोरोना कवच और कोरोना रक्षक दोनों छोटी अवधि वाली पॉलिसियां हैं, लिहाजा इनका लाभ यह भी है कि पॉलिसीधारक को लंबे समय तक प्रीमियम अदा नहीं करना पड़ेगा।
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कोरोना कवच |
कोरोना रक्षक |
| बीमा कंपनी |
ऑल हेल्थ इंश्योरेंस |
हेल्थ एज वेल एज लाइफ इंश्योरेंस |
| अवधि |
105, 195 और 285 दिन |
105, 195 और 285 दिन |
| पॉलिसी कवर |
न्यूनतम - 50,000 रुपये
अधिकतम - पांच लाख रुपये |
न्यूनतम - 50,000 रुपये
अधिकतम - 2.5 लाख रुपये |
| पॉलिसी बेनिफिट |
अस्पताल में न्यूनतम 24 घंटे भर्ती रहने पर पॉलिसी का लाभ |
अस्पताल में न्यूनतम 72 घंटे भर्ती रहने पर पॉलिसी का लाभ |
| लाभ |
अस्पताल में भर्ती होने पर एश्योर्ड राशि का भुगतान |
पॉजिटिव पाए जाने और अस्पताल में बर्ती पर खर्च हुई पूरी राशि का भुगतान |
| कवर |
किस-किस का-एक व्यक्ति या पूरा परिवार |
सिर्फ एक व्यक्ति |
| कवर |
अस्पताल में भर्ती होने पर 15 दिनों तक अस्पताल खर्च का दैनिक भुगतान, जो एश्योर्ड सम का 0.5 फीसदी है |
उपलब्ध नहीं |
सरिता दहिया के पास पहले से कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी हो या नहीं, उन्हें अपने, पति और सास-ससुर के लिए दोनों पॉलिसियां लेनी चाहिए। उन्हें सास-ससुर के लिए अलग-अलग और अपने व पति के लिए फ्लोटर पॉलिसी लेनी चाहिए। अलग-अलग पॉलिसियों का प्रीमियम अलग-अलग है। स्टार हेल्थ एंड एलायड इंश्योरेंस की इंडिविजुयल 2.5 लाख रुपये की कोरोना रक्षक पॉलिसी के लिए, जिसकी अवधि 3.5 महीने तक है, 3,846 रुपये का प्रीमियम देना पड़ेगा, जबकि 9.5 महीने की अवधि के लिए 5,192 रुपये का प्रीमियम अदा करना होगा।