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पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Tue, 09 Apr 2013 07:37 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव
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आपके मोबाइल फोन पर एसएमएस व फोन के जरिए, यही नहीं ई-मेल पर भी अकसर पर्सनल लोन लेने का आग्रह आपको मिलता रहता होगा।
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सबसे अच्छी बात पर्सनल लोन से बचे रहें, मजबूरी में यदि लोन ले ही लिया तो इसमें कभी भी डिफॉल्टर न बनें। ऐसा होने से भविष्य में जरूरत के वक्त लोन मिलने में परेशानी बढ़ जाएगी।

डिफॉल्ट की स्थिति आने पर तुरंत अपने देनदार बैंक से बात करें और आपसी सहमति से इसका समाधान निकालें। अक्सर बैंक कुछ पेनाल्टी के साथ रकम लौटाने में समय की मोहलत देते हैं। लेकिन इससे भी देनदारी का अतिरिक्त बोझ बढ़ता ही है।
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क्या है पर्सनल लोन
क्या है यह पर्सनल लोन, इसके क्या फायदे हैं, इसको चुकाने के लिए कितना ब्याज देना पड़ता है, कितनी राशि मिलती है, साथ ही इसके क्या जोखिम हैं, यह जानना बेहद जरूरी है।

पर्सनल लोन आकस्मिक जरूरतों के लिए कम समय में, कम दस्तावेजों और बिना किसी गारंटी के बैंकों से मिलने वाला कर्ज है।

अधिक होती है ब्याज दरें
आपको इलाज के लिए, शादी या दूसरे समारोहों, सैर-सपाटा करने आदि के लिए पर्सनल लोन बैंक से मिल सकता है। हालांकि पर्सनल लोन पर आपको होम लोन, ऑटो लोन आदि की तुलना में कहीं ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है। वर्तमान में विभिन्न बैंकों की पर्सनल लोन की ब्याज दरें 15-24 फीसदी के बीच हैं।

बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी जगजीत सिंह के अनुसार पर्सनल लोन आकस्मिक जरूरतों के लिए फायदेमंद है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके लिए बहुत कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। साथ ही यह बिना कोई गारंटी लिए दिया जाता है। बैंक आवेदक की क्रेडिट साख के आधार पर कर्ज देना तय करता है।

कब लें पर्सनल लोन
इंडियन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी आजाद सिंह के अनुसार पर्सनल लोन गैर योजनागत जरूरतों के लिए कारगर है। यानी, ऐसी जरूरतें जो अचानक आपके सामने आती हैं।

हालांकि सार्वजनिक बैंक इस तरह के कर्ज देने में काफी सतर्कता भी रखते हैं, क्योंकि इसमें डिफॉल्ट का डर अधिक रहता है। ऐसे में बैंक प्रमुख रूप से वेतन भोगी वर्ग को पर्सनल लोन देने में तरजीह देते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक पर्सनल लोन के तहत चार प्रमुख स्कीम का विकल्प अपने ग्राहकों को देता है, जिसमें एक्सप्रेस क्रेडिट, सरल, पेंशन भोगी, फेस्टिवल लोन आदि स्कीम शामिल हैं।

बैंक इसके तहत विभिन्न स्कीमों के जरिए 14.45 फीसदी से लेकर 18.20 फीसदी तक ब्याज लेता है। वहीं समय से पहले कर्ज चुकाने पर बैंक किसी तरह की कोई प्री-पेमेंट पेनॉल्टी ग्राहकों से नहीं लेता है। बैंक केवल रेंट प्लस स्कीम के तहत पूर्व-भुगतान पर एक फीसदी की पेनॉल्टी लेता है।

एचडीएफसी का पर्सनल लोन
इसी तरह, निजी क्षेत्र का बैंक एचडीएफसी ग्राहकों को पर्सनल लोन विभिन्न वर्गों के तहत देता है। बैंक वेतनभोगी, स्व रोजगार करने वाले प्रोफेशनल और इंडीविजुअल लोगों के लिए पर्सनल लोन देता है।

बैंक इसके तहत अधिकतम 15 लाख रुपये तक का कर्ज देता है। बैंक वेतनभोगी को 15.75-22.25 फीसदी, कारोबारी को 17.50-22 फीसदी, स्वरोजगारी पेशेवर को 14.50-15 फीसदी की ब्याज दर पर 12-60 महीने के लिए कर्ज दे रहा है।

बैंक पर्सनल लोन के तहत कर्ज की राशि का 2.50 फीसदी या फिर न्यूनतम 1,000 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क लेता है। इसके अलावा वेतनभोगी के लिए 12 महीने के अंदर समय से पूर्व भुगतान पर और कारोबारी के लिए 6 महीने के अंदर भुगतान पर बैंक कोई प्री-पेमेंट पेनॉल्टी नहीं लेता है। इन अवधि के बाद कर्ज चुकाने पर बैंक चार फीसदी की दर पर नियमों के अनुसार प्री-पेमेंट पेनॉल्टी ग्राहकों से लेता है।
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पर्सनल लोन देने में चाहे सार्वजनिक बैंक हो या फिर निजी बैंक वह अमूमन व्यक्ति की साख पर ही कर्ज देते हैं। साथ ही उसके लिए होम लोन, ऑटो लोन की तुलना में आठ से दस फीसदी ज्यादा दर पर कर्ज देते हैं। ऐसे में पर्सनल लोन आकस्मिक जरूरतों के लिए कर्ज लेने का एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। बशर्ते कि आवेदक उसे समय के साथ चुकाए।
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