महंगाई के इस दौर में हर कोई अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। सभी लोग अपना पैसा बढ़ाने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में हम आज आपको पोस्ट ऑफिस के पब्लिक प्रविडेंट फंड खाते के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां निवेश करने से आपको मोटा मुनाफा होगा और आपकी जेब हमेशा पैसों से भरी रहेगी।
पोस्ट ऑफिस के पब्लिक प्रविडेंट फंड खाते से आम लोगों को काफी फायदा होता है। इस खाते में आपको एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करने होंगे। ध्यान रहे कि इसके तहत आप एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं करा सकते है। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर आपने अपने और अपने बच्चों के नाम पर पीपीएफ खाता खुलवा रखा है, तो सारे खाते मिलाकर अधिकतम निवेश की रकम 1.5 लाख रुपये होनी चाहिए। लिमिट से ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा और ना ही इस पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी।
इसका प्रावधान पीपीएफ एक्ट, 1968 में किया गया है। इसका मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। पीपीएफ खाते में एक साल में आप अधिकतम 12 बार पैसे डाल सकते हैं। हालांकि अगर आप चाहें, तो बार-बार पैसे डालने की जगह एकमुश्त रकम भी निवेश कर सकते हैं। इसके तहत आपको सालाना आठ फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलेगा।
इतना ही नहीं, पीपीएफ में निवेश की गई रकम पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है। खास बात ये है कि निवेश पर जो ब्याज मिलता है, वह भी सेक्शन 10 के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है।
इसके साथ ही खाता खुलने के तीसरे वित्त वर्ष से आपको लोन की सुविधा भी मिलेगी।
अगर आप पीपीएफ खाता खोलना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा कई पोस्ट ऑफिस और बैंकों में ये सुविधा उपलब्ध है। कुछ बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन भी पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा देते हैं। अगर आपने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) खाता या एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) खाता खुलवा रखा है, तो भी आप पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं। नॉमिनी बनाने के लिए आपको खाता खोलते समय फॉर्म- E भरना होगा।
इसकी सबसे खास बात यह है कि आप महज 100 रुपये में पब्लिक प्रविडेंट फंड खाता खुलवा सकते हैं।
पीपीएफ खाते में एक से पांच तारीख तक पैसे डालना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके ब्याज का आकलन हर महीने की पांच तारीख तक खाते के मिनिमम बैलेंस पर किया जाता है। इसलिए अगर आप पांच तारीख तक पैसे डाल देते हैं तो आपका मिनिमम बैलेंस बढ़ जाता है।