आयकर अधिकारियों के अक्खड़ व्यवहार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने एक नया निर्देश जारी किया है, जिसमें अधिकारियों को करदाताओं के साथ नम्र व्यवहार करने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय राजधानी स्थित डायरेक्टोरेट जेनरल ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज (डीजीटीपीएस) ने 16 अप्रैल को यह निर्देश जारी किया है।
डीजी टीपीएस निदेशालय का गठन कुछ साल पहले करदाता और कर अधिकारी के बीच व्यावहारिक माहौल बेहतर करने और करदाताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए किया गया था। निर्देश में कहा गया है कि सीबीडीटी करदाताओं के संपर्क में आने वाले अधिकारियों को हमेशा करदाताओं और उनके प्रतिनिधियों के साथ व्यवहार कुशलता अपनाने की जरूरत के बारे में समझाता रहा है। यह महत्वपूर्ण है कि अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार नम्रतापूर्ण और पूर्वाग्रह रहित हो।
मिली हैं अक्खड़ व्यवहार की कई शिकायतें
टीपीएस निदेशालय की प्रधान महानिदेशक नीना कुमार ने देश में सभी विभागीय प्रमुखों को इस बारे में एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि टीपीएस निदेशालय और सीबीडीटी को अधिकारियों और कर्मचारियों के उत्पीड़न पूर्ण और अक्खड़ व्यवहार पर कई शिकायतें मिली हैं।
इस तरह की घटनाओं से आयकर विभाग की छवि और साख प्रभावित होती है तथा खुद को सेवा उन्मुख संगठन के रूप में स्थापित करने की इसकी कोशिशों को धक्का लगता है। इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए जाएं कि वे आम आदमी के साथ सिर्फ क्षमता के साथ ही नहीं बल्कि व्यवहार कुशलता के साथ भी पेश आएं।
कार्यालय के बाहर भी रहें मर्यादित
पत्र में कहा गया है कि कर अधिकारियों का व्यवहार अपनी कार्यालय संबंधी जिम्मेदारी निभाने में ही बेदाग नहीं हो, बल्कि कार्यालय के बाहर भी मर्यादित हो। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीबीडीटी द्वारा कर का आधार बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे नए कदमों और उसके बाद जारी हो रहे नोटिसों की बाढ़ के बीच करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच संपर्क बढ़ा है।
अधिकारी ने समझाते हुए कहा कि अधिकतर संपर्क में मुलाकात नहीं होती है और यह इंटरनेट पर होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों को मिलना पड़ता है, जिससे उत्पीड़न की शिकायतें आ सकती हैं।