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काम की खबर: पैसे से पैसा बनाने के इन 10 तरीकों से आप बन सकते हैं लखपति

Thu, 25 Mar 2021 04:33 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना काल में लोगों ने निवेश और बचत का महत्व समझा है। 
  • नौकरीपेशा वर्ग के लोगों के लिए कर की प्लानिंग करना वित्तीय योजना के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।
  • आपको टैक्स और बचत के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। ताकि आप अपने वेतन का अधिकतम लाभ उठा सकें।
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इन तरीकों से उठाएं अपनी आय का अधिकतम लाभ - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना काल में देश में बहुत कुछ बदला है। कई लोगों की नौकरी गई और कई लोगों के वेतन में कटौती हुई। ऐसे में लोगों ने निवेश और बचत का महत्व भी समझा। समय के साथ-साथ लोगों को वित्तीय योजना की जरूरत के बारे में पता चला। नौकरीपेशा वर्ग के लोगों के लिए कर की प्लानिंग करना वित्तीय योजना के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। लेकिन बहुत लोगों को टैक्स और बचत के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि कर्मचारियों को कर बचाने के लिए और आय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए क्या करना चाहिए।

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1. ईपीएफ में करें निवेश
भविष्य निधि को लेकर हर नौकरीपेशा व्यक्ति काफी उत्सुक रहता है। हर महीने वेतन से कटकर भविष्य निधि में जाने वाला पैसा पहले तो खटकता है लेकिन बाद में बार-बार बैलेंस चेक करने पर वही राशि सुकून भी देती है। कर्मचारी और उनके नियोक्ता हर महीने ईपीएफ में योगदान करते हैं, जो एक रिटायरमेंट बेनेफिट स्कीम है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों वेतन का 12-12 फीसदी ईपीएफ में जमा करते हैं। इस योजना के तहत किए गए योगदान में धारा 80सी के तहत कटौती का लाभ मिलता है। कोरोना काल में कई योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज कम हुआ था, लेकिन ईपीएफ खातों में अधिक ब्याज मिलता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए पीएफ राशि पर ब्याज दर की घोषणा करता है। चालू वित्त वर्ष में, ईपीएफओ ने 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देने का फैसला किया है।



2. पीपीएफ में करें निवेश
लोकप्रिय कर व दीर्घकालिक बचत योजना पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेशकों को 7.1 फीसदी ब्याज मिलता है। निवेशक पांच साल के बाद आंशिक निकासी का लाभ उठा सकते हैं और खाते को 15 साल के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं। खाते को सक्रिय रखने के लिए प्रति वर्ष 500 रुपये की न्यूनतम राशि जमा करना आवश्यक है।
 पीपीएफ कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के लिए एक कोष बनाने और गारंटीड रिटर्न अर्जित करने की योजना बनाने में सक्षम बनाता है। पीपीएफ के तहत निवेश की गई राशि धारा 80सी के तहत कर-कटौती योग्य है और इस प्रकार, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कर योजना में मदद करता है।

3. कर योग्य और गैर-कर योग्य आय में समझें अंतर
सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि आपकी कितनी आय पर आपको टैक्स देना होता है और कितनी आय पर आपको छूट मिलती है।  यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार आय की गैर-कर योग्य श्रेणियों को परिभाषित करती है। इससे पहले कि आप अपने कर की योजना बनाना शुरू करें, अपनी पे-स्लिप को अच्छे से पढ़ लें। इसके लिए आप अपने ऑफिस की एचआर टीम और की भी सहायता ले सकते हैं।

4. किराए के घर में रहने वालों को मिलती है छूट
अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं तो आपको हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जरूर मिलता होगा। यह वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। हाउस रेंट अलाउंस कर्मचारी को दिया जाने वाला एक भत्ता होता है। यह नियोक्ता द्वारा अपने कर्मचारी को उनके घर का किराया चुकाने के लिए दिया जाता है। इनकम टैक्स कानून के अनुसार, एचआरए पर कर छूट सेक्शन 10(13A) के तहत मिलती है। कुल कर योग्य आमदनी की गणना एचआरए को कुल आय से घटाकर की जाती है। 

5. आयकर अधिनियम के विभिन्न भागों को समझें 
आपके लिए आयकर अधिनियम के विभिन्न वर्गों को समझना भी जरूरी है। कर-बचत निवेश विकल्पों के लिए लोगों के बीच धारा 80सी काफी लोकप्रिय है। लेकिन 80डी, 80ईई, 80जी आदि जैसे अन्य भाग भी आपको कर लाभ प्रदान करते हैं। कर-बचत योजना बनाने में ये भी आपकी सहायता कर सकते हैं।
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6. खर्चा करने पर भी मिल सकता है लाभ
सरकार कई तरह के जरूरी खर्चों पर भी कर कटौती का लाभ देती है। आपके बच्चे की ट्यूशन फीस, बीमा प्रीमियम, डोनेशन जैसे खर्च, आदि जैसे खर्चों पर आपको टैक्स में छूट मिलती है। वित्तीय प्लानिग करने से पहले इनको भी ध्यान में रखें।

7. शुरू करें निवेश  
कई लोग निवेश के बारे में नहीं सोचती हैं और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमें किया गया निवेश काफी अच्छे रिटर्न दे सकता था। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। निवेश कर आपको टैक्स में भी छूट मिल सकती है। आपको फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), सुकन्या समृद्धि योजना, एनपीएस, आदि से फायदा हो सकता है।

8. भत्तों और कूपंस को समझें
नियोक्ता द्वारा पेश किए गए वेतन के आधार पर, कर योजना बनाना चाहिए। वेतन पर कर लगाया जाता है। लेकिन खाद्य कूपन, खरीदारी कूपन, आदि को वेतन नहीं माना जाता है और इसलिए इनपर कर नहीं लगाया जाता है। कईं नियोक्ता अपने कर्मचारियों को ये कूपन देते हैं। ताकि वे अपनी कर योग्य आय को कम कर सकें। 

9. लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) 
लीव ट्रैवल अलाउंस यानी एलटीए कर भी कर्मचारियों को टैक्स में छूट मिल सकती है। एलटीए चार साल की समय सीमा में दो यात्राओं के लिए उपलब्ध होता है। यह आपके लिए काफी सहायक हो सकता है।

10. छुट्टियों का पैसा (Encash) लें
छुट्टियों को पैसा लेना यानि एनकैश कराना वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए करों को बचाने का एक और तरीका है। यदि आप सभी छुट्टियों का उपयोग नहीं करते हैं जिनके आप हकदार हैं, तो आपको उन दिनों के लिए मुआवजा मिल सकता है। आपको जो राशि मिलेगी, वह कर योग्य है। लेकिन कुछ स्थितियों में यह कर-मुक्त है। 
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