इंडिया मॉर्गेज गारंटी कॉरपोरेशन के सीईओ महेश मिश्रा ने कहा कि एनपीए पर रोक के दौरान बैंकोें ने पुनर्भुगतान नहीं करने वाले खातों का आकलन प्रोफार्मा आधार पर किया था। यह कुल कर्ज का 8.3 फीसदी अथवा 8.7 लाख करोड़ रुपये होगा। 31 दिसंबर, 2020 को बैंकों ने 7.4 लाख करोड़ सकल एनपीए का खुलासा किया था, जो कुल कर्ज का 7.1 फीसदी है। अगर शुद्ध एनपीए की बात करें, तो प्रोफार्मा आधार पर 2.7 लाख करोड़ या कुल कर्ज का 2.7 फीसदी होगा, जबकि बैंकों ने दिसंबर में 1.7 लाख करोड़ का शुद्ध एनपीए बताया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सकल एनपीए 1.3 लाख करोड़ और शुद्ध एनपीए एक लाख करोड़ बढ़ेगा।
बैकिंग शेयरों में उछाल
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में तेजी दिखी। एसबीआई ने 1.48 फीसदी, तो एचडीएफसी बैंक ने 2.11 फीसदी का उछाल दर्ज किया। आईसीआईसीआई बैंक में 2.25 फीसदी, बंधन बैंक में 3.36 फीसदी, एक्सिस बैंक में 2.02 फीसदी तेजी आई। बीएसई पर बैंकिंग सूचकांक 1.51 फीसदी चढ़कर 38,462.48 पर पहुंच गए। जियोजित फाइनेंशियल के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, लघु अवधि में बैंकों का एनपीए बढ़ने और मुनाफा घटने का जोखिम रहेगा।
एक और लॉकडाउन का बोझ वहन करना मुश्किल : आरबीआई
मंदी की मार से उबरने की कोशिश कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के संक्रमण का बोझ फिर बढ़ने लगा है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा ने मासिक बुलेटिन में कहा है कि अगर बढ़ते संक्रमण पर जल्द काबू नहीं पाया, तो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और लॉकडाउन का बोझ वहन करना मुश्किल होगा। महामारी में नौकरियां गंवाने वाले लाखों लोगोें को काम पर लौटने में भी देरी होगी। उन्होंने कहा कि भारत को तेज विकास दर की जरूरत है। ऐसे में कोविड का जोखिम बढ़ा और फिर लॉकडाउन की स्थिति बनी, तो अप्रैल-जून तिमाही पर फिर दबाव बढ़ जाएगा।
चूक सकता है 26.2 फीसदी विकास दर का लक्ष्य...
ड्यूश बैंक के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री कौशिक दास ने कहा है कि संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते रहे तो भारत अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 26.2 फीसदी विकास दर का लक्ष्य चूक सकता है। मौजूदा हालात के हिसाब से 2021-22 की पहली तिमाही में 25.5 फीसदी विकास दर का अनुमान है। बार्कलेज के वरिष्ठ भारतीय अर्थशास्त्री राहुल बजोरिया ने कहा कि आर्थिक सुधारों पर बढ़ते दबाव से बेरोजगदारी दर भी बढ़ रही है। सीएमआईई के अनुसार, फरवरी में बेरोजगारी दर 6.9 फीसदी पहुंच गई, जो जनवरी में 6.5 फीसदी थी।