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ऐसे बचा सकते हैं आप दोगुना इनकम टैक्स, इन तरीकों का करना होगा इस्तेमाल

Tue, 07 May 2019 01:10 PM IST
paliwal पालीवाल प्रमोद तिवारी, अमर उजाला
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income tax
इस महीने के आखिर तक आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी आयकरदाता टैक्स छूट में ज्यादा से ज्यादा लाभ पाने की तैयारी कर रहे होंगे। अगर आप हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के दायरे में आते हैं, तो इसमें पंजीकरण कर आयकर कानून की धारा 2(31) के तहत विशेष छूट का लाभ ले सकते हैं। आयकर विभाग किसी एचयूएफ को अलग इकाई के तौर पर गिनता है, जिससे उसके टैक्स छूट का दायरा भी बढ़कर करीब दोगुना हो जाता है।  
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INCOME TAX - फोटो : self

इस तरह करें शुरुआत

हिंदू अविभाजित परिवार बनाने के लिए परिवार के मुखिया (कर्ता) के नाम खाता खुलवाना होता है, लेकिन उसके नाम के बाद एचयूएफ शब्द जुड़ा होता है। इसके बाद एचयूएफ पैन कार्ड के लिए आवेदन करें। यह पैन कार्ड कर्ता के नाम पर होता है, लेकिन अंत में एचयूएफ शब्द जुड़ा होता है।

पैन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन फॉर्म में जन्मतिथि की जगह अपनी शादी की तिथि डालें।  आयकर कानून के तहत कर्ता की भूमिका परिवार के मैनेजर की होती है और एचयूएफ के सारे सदस्य (पत्नी, बच्चे, पोते) इसके पार्टनर की तरह होते हैं। 
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Income Tax Return

2.50 लाख की बेसिक टैक्स छूट हर एचयूएफ खाते पर मिलेगी

एचयूएफ का खाता पंजीकृत होने के बाद आप उसके नाम पर अलग निवेश शुरू कर सकते हैं। इसमें प्रॉपर्टी के लिए मकान खरीदने के साथ शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पैसे लगा सकते हैं।

आयकर की धारा 112ए के तहत म्यूचुअल फंड या सूचीबद्ध शेयरों में लंबी अवधि का निवेश कर पूंजीगत लाभ ले सकते हैं। एक एचयूएफ अपने पैसों से या इसमें शामिल अन्य सदस्यों से पैसे लेकर खुद का बिजनेस भी शुरू कर सकता है, जिस पर साल दर होने वाली आय में टैक्स छूट का नियमानुसार लाभ ले सकेंगे। 

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1 लाख रुपये तक म्यूचुअल फंड में  निवेश 

एचयूएफ बनाने के बाद आप अपनी आमदनी पर दो तरह से लाभ ले सकते हैं। व्यक्तिगत रूप से भी और एचयूएफ सदस्य के नाते भी। जिन लोगों के पास पैतृक संपत्ति है या जिन्हें परिसंपत्तियां वसीयत में मिली हैं, वे एचयूएफ का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।

वसीयत से मिली परिसंपत्तियों को एचयूएफ में शामिल करने से इस पर टैक्स बचाना आसान हो जाएगा। अगर कोई पुश्तैनी जायदाद बेची जाती है तो उससे मिली रकम को भी एचयूएफ में ट्रांसफर कर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। आप नौकरीपेशा हैं तो पैतृक संपत्ति जैसे प्रॉपर्टी आदि से होने वाली आमदनी पर टैक्स बचत के लिए एचयूएफ का सहारा ले सकते हैं। 
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1.70 लाख रुपये तक की संपत्ति पर टैक्स बचत 

एचयूएफ के किसी भी सदस्य का जीवन बीमा प्रीमियम भरने पर आपको आयकर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलेगी। इसमें आप स्कूल फीस, होम लोन, ईपीएफ में किए भुगतान को भी शामिल कर सकते हैं।

एचयूएफ के नाम पर पीपीएफ खाता नहीं खोला जा सकता है, लेकिन इसमें शामिल किसी भी सदस्य के नाम पर पीपीएफ खाते में किए योगदान पर कर छूट का लाभ मिलेगा।

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में भी निवेश कर टैक्स छूट मिलेगी। एनपीएस और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट जैसे निवेश पर एचयूएफ को टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

  • -जो शख्स एचयूएफ बनाना चाहता है, उसका शादीशुदा होना जरूरी है। इसकी सबसे छोटी इकाई पति-पत्नी होते हैं।
  • -हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म के सदस्य ही एचयूएफ के दायरे में आते हैं। 
  • -एचयूएफ के सदस्य एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं तो यह कर छूट के दायरे में नहीं आता है। 
  • -नियमों के तहत किसी व्यक्ति या एचयूएफ की कुल आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है तो ई-रिटर्न भरना जरूरी होगा। 
  • -एचयूएफ की संपत्ति पर सभी सदस्यों का बराबर अधिकार होगा, बिना सभी की सहमति इसका इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
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