कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने केंद्र सरकार से पेंशन धारकों को न्यूनतम 1000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए पेंशन योजना ईपीएस-95 में अपना योगदान बढ़ाने को कहा है।
इस योजना में सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी 1.16 फीसदी है जबकि ईपीएफओ ने इसे बढ़ाकर 1.79 फीसदी करने की वकालत की है।
ईपीएफओ ने इस संदर्भ में श्रम मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सभी पेंशन धारकों को न्यूनतम 1000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी पेंशन योजना-1995 में सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाकर 1.79 फीसदी करने का मजबूत केस बनता है।
संगठन के अनुसार, सभी कैटेगरी के पेंशन धारकों को न्यूनतम मासिक पेंशन 1000 रुपये प्रति माह सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के मूल वेतन का 0.63 फीसदी अतिरिक्त योगदान जरूरी है। अब श्रम मंत्रालय इस मुद्दे को वित्त मंत्रालय के सामने उठाएगा।
मौजूदा समय में केंद्र सरकार कर्मचारियों के मूल वेतन (मूल वेतन प्लस महंगाई भत्ता) का 1.16 फीसदी ईपीएस-95 में देती है।
वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान सरकार ने इस कोष में 1900 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। इसमें कुछ बकाया भी शामिल है।
अनुमान के अनुसार, यदि केंद्र अपनी मौजूदा हिस्सेदारी को बढ़ाकर 1.79 फीसदी करने का फैसला करता है तो उसे चालू वित्त वर्ष में 750 से 800 करोड़ रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा।