पासवान ने कहा कि राज्यों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हम 30 तारीख को अगर कोष स्थानांतरित कर देते हैं तो अगले दिन एक तारीख को लोगों के खाते में पैसा पहुंच जाए। यह गारंटी तो राज्यों को लेनी होगी।
राज्यों से इस योजना पर चर्चा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हमने कहा है पर कई दिक्कतें हैं। देखते हैं, क्या होता है। याद रहे कि सरकार हर साल 1.30 लाख करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी उपलब्ध कराती है।
सरकार ने यह योजना इस वजह से बनाई थी कि सब्सिडी लाभार्थियों के उचित हाथों में पहुंचे। दरअसल पिछले तीन साल में बड़े पैमाने पर राशन दुकानों में फर्जीवाड़े और फर्जी राशन कार्ड धारक होने के मामले सामने आए हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 5 जुलाई 2013 से लागू हो गया है। इसके पूरे देश में लागू होने पर 81 करोड़ लोग कानूनी तौर पर राशन की दुकानों से सस्ता अनाज पाने के हकदार हो जाएंगे।