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पीपीएफ और सुकन्या बचत योजनाओं की ब्याज दर में नहीं हुआ बदलाव

Fri, 29 Mar 2019 06:59 PM IST
अनिल पांडेय भाषा, नई दिल्ली

सार

  • राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और भविष्य निधि कोष (पीपीएफ) आठ फीसदी का ब्याज मिलेगा।
  • किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 7.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा
  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर को 8.7 फीसदी पर कायम रखा गया है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना में अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.5 फीसदी का ब्याज दिया जाएगा।
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने डाकघरों व विभिन्न बैंकों में चलने वाली लघु बचत योजनाओं के ब्याज दरों में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगी आचार संहिता के चलते सरकार ने यह फैसला लिया है। अब इन योजनाओं पर ब्याज दरों को घटाने या फिर बढ़ाने का फैसला जून में नई सरकार द्वारा लिया जाएगा। 

पीपीएफ, एनएससी पर यह रहेगी ब्याज दर

वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार तिमाही के दौरान राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और भविष्य निधि कोष (पीपीएफ) आठ फीसदी का ब्याज मिलेगा। वहीं किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 7.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा और यह 112 माह में परिपक्व होगा। लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है। 
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अधिसूचना में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को 2018-19 की चौथी तिमाही के बराबर यानी यथावत रखा गया है। 
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वरिष्ठ नागरिकों को मिलता रहेगा ज्यादा लाभ

पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर को 8.7 फीसदी पर कायम रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक योजना पर ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। इसी तरह बचत जमा पर ब्याज दर को चार फीसदी सालाना पर यथावत रखा गया है। छोटी लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.5 फीसदी का ब्याज दिया जाएगा। 

एक से पांच साल की मियादी जमा पर 7 से 7.8 फीसदी का ब्याज मिलेगा जिसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा। वही पांच साल की आवर्ती जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.3 फीसदी होगी।

  

सेविंग स्कीम में है लॉक-इन पीरियड

अभी इन सभी बचत योजनाओं में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड है, जिसके कारण लोगों को तय अवधि तक निवेश करना होता है और उसके बाद वो अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। 
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