एक अप्रैल से उन लोगों का पैन कार्ड रद्दी हो जाएगा, जिन्होंने इसको आधार से लिंक नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई समयसीमा 31 मार्च को खत्म हो रही है। फिलहाल ऐसे लोगों की संख्या 19 करोड़ है, जिन्होंने ऐसा नहीं किया है। उच्चतम न्यायालय ने आधार पर सुनवाई करते हुए आयकर रिटर्न दायर करते समय आधार को अनिवार्य कर दिया था।
सीबीडीटी कर देगा रद्द
अगर लोगों ने अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया तो फिर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) इसको रद्द कर देगा। जब पैन से आधार जुड़ जाएगा और पैन बैंक खाते से जुड़ा रहेगा तो आईटी विभाग करदाता के खर्च करने का तरीका तथा अन्य जानकारियां आसानी से पता कर सकेगा।
कई अन्य एजेंसियां भी आधार से जुड़ी हुई हैं तो यह भी पता लगेगा कि समाज कल्याण योजनाओं का लाभ उचित लोगों को मिल रहा है या नहीं। अभी तक आयकर विभाग देश में 42 करोड़ लोगों को पैन कार्ड जारी कर चुका है।
2018-19 में जुड़े 95 लाख करदाता
इस साल अब तक 6.31 करोड़ रिटर्न दायर किये गये हैं। यह पिछले साल के 5.44 करोड़ रिटर्न से अधिक है। इस साल विभाग 95 लाख नये करदाताओं को जोड़ चुका है। 125 करोड़ आबादी और 7.5 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर वाले देश में केवल 1.5 लाख रिटर्न में आय एक करोड़ रुपये से अधिक दिखायी जा रही है।