बाजार में नकदी की कमी और कारोबार में सुस्ती की वजह से देश की प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) जमाओं पर आकर्षक ब्याज दे रही हैं।
यह कंपनियां फिक्सड डिपॉजिट पर 12 महीने की जमा पर 10 फीसदी से भी ज्यादा ब्याज दे रही है। ऐसे में अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों में निवेश कर बैंकों की तुलना में एक फीसदी के करीब ज्यादा ब्याज प्राप्त किया जा सकता है।
हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड इस समय अपने वार्षिक आय योजना के तहत 24-35 महीने की जमाओं पर 9.05 फीसदी, 36-47 महीने की जमाओं पर 9.15 फीसदी तक ब्याज दे रहा है। इसके लिए जमा कर्ताओं को न्यूनतम 20 हजार रुपये की राशि जमा करनी होगी। वहीं कंपनी 33 महीने की जमाओं पर 9.40 फीसदी तक ब्याज दे रही है।
एसेट फाइनेंस कंपनी सुंदरम फाइनेंस एफडी पर 12 महीने की जमाओं पर 10.16 फीसदी, 18 महीने पर 10.16 फीसदी, 24 और 36 महीने पर 9.92 फीसदी ब्याज दे रही है। इसी तरह कंपनी संचयी जमाओं पर 12 और 18 महीने पर 10.25 फीसदी, वहीं 24 और 36 महीने की जमाओं पर 10 फीसदी तक ब्याज दे रही है।
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड अपनी उन्नति फिक्सड डिपॉजिट स्कीम, जिसे रेटिंग एजेंसी क्रिसिल से रेटिंग प्राप्त है, वह गैर संचयी जमाओं पर 12 महीने की जमाओं पर 9.25 फीसदी, 24 महीने की जमाओं पर 9.75 फीसदी, 36, 48 और 60 महीने की जमाओं पर 10.75 फीसदी सालाना वार्षिक दर से ब्याज दे रही है।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के संगठन एफआईडीसी के सदस्य रमन अग्रवाल के अनुसार एनबीएफसी पूंजी जुटाने के लिए ग्राहकों को जमाओं पर आकर्षक ब्याज देती है। जो कि बैंकों की तुलना में थोड़ी ज्यादा रहती है।
बाजार के जानकारों के अनुसार निवेशकों को किसी भी कंपनी में निवेश के पहले कंपनी की साख और उसकी स्कीम की रेटिंग पर भी जरूर ध्यान देना चाहिए, जिससे कि उनकी पूंजी पर जोखिम कम रहे।