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अब पीएफ पर मिलेगा 8.5 प्रतिशत ब्याज

Wed, 25 Jun 2014 03:53 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के खाते में जमा रकम पर चालू वित्त वर्ष 2012-13 में 8.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 0.25 फीसदी अधिक है। श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से ईपीएफओ के 5 करोड़ से अधिक अंशधारकों को लाभ होगा। इसके अलावा पीएफ जमाकर्ताओं को स्थायी पीएफ नंबर भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
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हालांकि कर्मचारी वर्ग के प्रतिनिधियों ने नौ फीसदी ब्याज दर की मांग की थी लेकिन सरकार की गणना के मुताबिक साढ़े आठ फीसदी ब्याज दर को ही मंजूरी मिल सकी। सूत्रों की माने तो ईपीएफओ को निवेश के जरिए करीब 21 हजार करोड़ रुपये की आय हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए साढ़े आठ फीसदी ब्याज दर का निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व वित्त वर्ष में पीएफ ब्याज दर 8.25 फीसदी थी।

मालूम हो कि ईपीएफ दर में इजाफा होने के बावजूद यह पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के ब्याज दर की तुलना में 0.30 फीसदी कम है। मौजूदा समय में पीपीएफ ब्याज दर 8.80 फीसदी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी पीएफ जमाकर्ताओं को जल्द स्थायी पीएफ नंबर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि नौकरी बदलने के बाद उन्हें नए पीएफ नंबर रखने की जरूरत नहीं पड़े। इसके अलावा पीएफ के लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी लाने पर भी चर्चा की गई।
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भारतीय मजदूर संघ के बैजनाथ राय ने कहा कि बैठक में कई लोगों ने 8.6 फीसदी ब्याज दर का प्रस्ताव किया था। अगर ईपीएफओ इसे मान लेता तो 1300 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते। इसकी व्यवस्था ससपेंस एकाउंट के खाते से हो सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पीएफ सदस्यों की संख्या बढ़ने के साथ ईपीएफ की आय और निवेश में भी इजाफा हुआ है। इसलिए ब्याज दर को 8.5 फीसदी से ज्यादा किया जा सकता था। उल्लेखनीय है कि ईपीएफ सदस्यों की संख्या पांच करोड़ से ज्यादा है।
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