पिछले साल अगस्त में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के जरिए 5,920 करोड़ रुपये का निवेश शेयर बाजार में किया था। ईपीएफओ को इस निवेश पर 9.54 फीसदी का घाटा हुआ है।
ईपीएफओ द्वारा शेयरों में किए निवेश के विश्लेषण के अनुसार, 5,920 करोड़ रुपये के निवेश का मूल्य घट कर 29 फरवरी को 5,335 करोड़ रुपये रह गया है। इसे देखते हुए कर्मचारी यूनियन शेयर बाजार में ईपीएफओ के पैसे लगाने के निर्णय को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
ईपीएफओ के शेयर बाजार में निवेश का विश्लेषण श्रम मंत्री की अध्यक्षता में 17 मार्च को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की बैठक में रखी गई थी। हिंद मजदूर सभा के सचिव और ईपीएफओ के ट्रस्टी एडी नागपाल ने कहा कि हम शुरू से ही ईपीएफओ के पैसों का निवेश शेयर बाजार में करने का विरोध कर रहे हैं। हम सीबीटी से इस निर्णय को वापस लेने की मांग करेंगे।