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विदेश यात्रा पर जाने से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी लेना न भूलें

Mon, 25 Jun 2018 01:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कहा जाता है कि भारतीयों को यात्रा करना बेहद पसंद है। उन्हें नए स्थानों की खोज, नई संस्कृतियों को जानना और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठाना रोमांचक और रुचिकर लगता है। लेकिन इस रोमांच में हम में से कई लोग यात्रा के दौरान घटने वाली अनचाही घटनाओं से खुद को सुरक्षित करना भूल जाते हैं। इनमें सामान खोना, उड़ान रद्द होना, दुर्घटना आदि शामिल है। इसलिए सफर पर जाने से पहले आपके पास एक मजबूत यात्रा बीमा होना चाहिए फिर चाहे आपकी यात्रा किसी भी तरह की क्यों न हो।

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अपने हिसाब से चुनें बीमा योजनाएं
 बाजार में उपलब्ध योजनाओं में से अपनी आवश्यकता के अनुसार योजना का चयन करना जरूरी है। विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए व्यापक तौर पर दो प्रकार की यात्रा बीमा योजनाएं उपलब्ध हैं। सिंगल ट्रिप इंश्योरेंस पॉलिसी और मल्टी-ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी।
 
 

दो प्रकार की होती है ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी

सिंगल ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी
जैसा कि नाम से जाहिर है, यह घरेलू या अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए कवरेज प्रदान करता है। एकल यात्रा में कई गंतव्यों या देशों के दौरे को सिंगल ट्रिप ही माना जाएगा। यह पॉलिसी आपके घर लौटने तक चलेगी। इस पॉलिसी का कवर अपने गृह देश से उड़ान भरने से शुरू होता है और विदेशी गंतव्य तक रहता है, जब तक कि वापसी की तिथि/पॉलिसी समाप्त न हो (दोनों में से जो भी पहले हो)। इस बीमा को विस्तारित किया जा सकता है और इसमें दावे के त्वरित निपटान का विकल्प होता है। ऐसी पॉलिसी में सामान्यत: अस्पताल का खर्च, आपातकालीन डेंटल उपचार खर्च चेक्ड-इन लगेज का खोना आदि कवर होता है।
 
मल्टी-ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी
मल्टी-ट्रिप ट्रैवल बीमा योजनाएं प्राय: वार्षिक आधार पर खरीदी जाती हैं। पॉलिसी की अवधि 12 महीने की होती है, जिसकी शुरुआत उसके खरीदे जाने की तिथि से होती है। इसमें एक वर्ष के दौरान की जाने वाली सभी यात्राएं एक ही पॉलिसी में कवर होती हैं। मल्टी-ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी आमतौर पर पासपोर्ट खोना, आपातकालीन चिकित्सा व्यय, यात्रा निरस्तीकरण आदि को कवर करती है। इसमें 365 दिनों का कवरेज होता है और कोई व्यक्ति इस पॉलिसी के अंतर्गत कई बार विदेश यात्रा कर सकता है। यदि आप कार्यालय के काम से बार-बार विदेश जाते हैं या विश्व भ्रमण करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। कुछ मल्टी-ट्रिप योजनाओं में यात्रा अवधि की सीमा होती है, जो 30 से 70 दिन प्रति यात्रा की हो सकती है। मल्टी-ट्रिप यात्रा बीमा के योग्य होने के लिए आपके पास अपने देश की घरेलू स्वास्थ्य बीमा योजना होनी चाहिए।
 
 

सिंगल और मल्टी ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या है अंतर

सिंगल ट्रिप बीमा योजनाएं ऐसे लोगों के लिए हैं, जो एक वर्ष में एक या दो अवकाश लेते हैं, जिसमें वे या तो सिंगापुर जाते हैं या यूरोप में तीन सप्ताह बिताते हैं। दूसरी ओर, मल्टी-ट्रिप योजनाएं ऐसे लोगों के लिए हैं, जिन्हें एक वर्ष में दो से अधिक बार यात्रा करने का सौभाग्य मिलता है। यह बीमा धन का बेहतर महत्व प्रदान करती है, क्योंकि प्रत्येक अवकाश के लिए अलग से कवर लेना महंगा पड़ता है। मल्टी-ट्रिप पॉलिसी लेकर एक वर्ष में असीमित यात्राएं की जा सकती हैं। कई पॉलिसी में प्रत्येक यात्रा की अवधि सीमित होती है, जो प्राय: 31 से 45 दिनों की होती है, लेकिन पॉलिसी लेने से पहले शर्तें अवश्य पढ़ें।
 
 
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यात्रा में जाने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान

- आप कोई भी पॉलिसी लें, कुछ बातों की जांच जरूर करें। इनमें मुख्य बातें हैं- गंतव्य, ठहरने की अवधि, संभावित चिकित्सकीय व्यय जैसे खेल/गतिविधि से लगने वाली चोट। यदि आप साहसिक यात्रा पर जाते हैं- तो नकदी और मूल्यवान वस्तुएं, मल्टी-ट्रिप के मामले में यात्रा निरस्तीकरण, पॉलिसी की सीमाएं और बहिष्करण।
- गंतव्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश बीमा कंपनियों के पास यूरोप और शेष विश्व के लिए अलग-अलग कवर हैं। कुछ वैश्विक पॉलिसी में अमेरिका, कनाडा और कैरेबियाई देशों को शामिल नहीं किया गया है। कवर और सुविधा का स्तर अलग-अलग देश और अलग-अलग बीमा में भिन्न होता है।
- प्रत्येक पॉलिसी में अनपेक्षित या नई चोट और रोग के लिए आधारभूत मेडिकल कवर होता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनमें सभी चिकित्सकीय आपातकाल आते हों। पॉलिसी खरीदने से पहले मौजूदा चिकित्सकीय स्थिति का प्रकटीकरण होना चाहिए, अन्यथा निरस्ती की संभावना हो सकती है।
- निरस्तीकरण कवर में यात्रा के पूर्व-भुगतान की लागत शामिल होनी चाहिए। यदि लगेज एयरलाइन द्वारा खो जाता है या क्षतिग्रस्त होता है, तो पहनने की आपातकालीन सामग्री की लागत भी इसमें आनी चाहिए।
एंटनी जैकब, सीईओ, अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस
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