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ITR फाइल करने के लिए मिल सकता है ज्यादा समय, आगे बढ़ी फॉर्म-16 जारी होने की तारीख

Tue, 04 Jun 2019 04:06 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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वित्त वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न भरने के लिए करदाताओं को ज्यादा समय मिल सकता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फॉर्म-16 को जारी करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। 

10 जुलाई तक जारी होगा फॉर्म 16

सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कंपनियों से कहा है कि वो इस साल 30 जून से लेकर के 10 जुलाई तक फॉर्म 16 को जारी कर सकते हैं। फॉर्म 16 वेतनभोगी करदाताओं को कंपनी की तरफ से जारी किया जाता है। 

21 दिन मिलेंगे आईटीआर भरने के लिए 

इस हिसाब से कर्मचारियों को अपना आईटीआर फाइल करने के लिए केवल 21 दिन का समय मिलेगा, अगर कंपनियां 10 जुलाई को फॉर्म 16 जारी करती हैं। गौरतलब है कि इस साल 31 जुलाई फिलहाल रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख है। इसलिए हो सकता है कि सीबीडीटी रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को बढ़ जाए। अगर ऐसा होता है तो फिर लाखों करदाताओं को इसका फायदा मिलेगा। 

इसलिए बढ़ा दी तारीख

सीबीडीटी ने इस साल एक नया फॉर्म 24Q जारी किया था। इस फॉर्म के जरिए कंपनियां अपने कर्मचारियों का सैलरी पर लगने वाले टीडीएस रिटर्न को दाखिल करती है। अब इस फॉर्म को जारी करने की तारीख भी 31 मई से बढ़ाकर के 30 जून कर दी है। फॉर्म 24Q में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं। 

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24Q में जो टीडीएस कंपनी द्वारा काटा जाता है, वो कर्मचारियों को फॉर्म 26AS में दिखाई देता है। नए फॉर्म में पार्ट बी (एनेक्सर) का हिस्सा अब दो पन्ने के बजाय पांच पन्नों का होगा। वर्ष 2018-19 के लिए किसी कर्मचारी को नियोक्ता की तरफ से दिया जाने वाला फॉर्म-16 नए प्रोफार्मा पर होगा। इसमें वित्त वर्ष के दौरान किसी संस्थान से दूसरे संस्थान में आने वाले कर्मचारियों का पूर्व संस्थान से प्राप्त कुल वेतन का भी कॉलम जोड़ा गया है।

इसे कुल वेतन वाले पहले कॉलम के विस्तार (ई) में स्थान दिया गया है। पुराने फॉर्म-16 में इसका उल्लेख नहीं था। साथ ही इसमें डिडक्शन को विशेष स्थान दिया गया है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि वेतनभोगी करदाताओं के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रावधान पिछले वर्ष ही फिर से किया गया है, इसलिए इस बार इसे फॉर्म-16 में भी जोड़ा है। अब सभी डिडक्शन की विस्तार से जानकारी देनी होगी। 

नहीं कर सकेंगे फर्जीवाड़ा

आयकर विशेषज्ञ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण कुमार भारती का कहना है कि जब नियोक्ता से फॉर्म-16 में ज्यादा जानकारी मांगी जाएगी तो नियोक्ता भी कर्मचारियों से ज्यादा जानकारी मांगेंगे। ऐसे में कर्मचारियों को एक-एक डिडक्शन की सही  जानकारी देनी होगी और यदि वे फर्जीवाड़ा करेंगे तो बच नहीं पाएंगे।

आईटीआर फॉर्म भी किया था बदलाव

इससे पहले आयकर विभाग ने आईटीआर फॉर्म में भी बड़ा बदलाव करते हुए इसे काफी जटिल बना दिया था। सबसे बड़ा परिवर्तन खेती से आय लेने वाले नौकरीपेशा के लिए था, जिन्हें 5 हजार से ज्यादा आय होने पर आईटीआर-2 दाखिल करना पड़ेगा। इसे पहले के 17 पेज से बढ़ाकर 23 पेज का कर दिया गया है, जो काफी जटिल हो गया है। 

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