वित्त वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न भरने के लिए करदाताओं को ज्यादा समय मिल सकता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फॉर्म-16 को जारी करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया है।
सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कंपनियों से कहा है कि वो इस साल 30 जून से लेकर के 10 जुलाई तक फॉर्म 16 को जारी कर सकते हैं। फॉर्म 16 वेतनभोगी करदाताओं को कंपनी की तरफ से जारी किया जाता है।
इस हिसाब से कर्मचारियों को अपना आईटीआर फाइल करने के लिए केवल 21 दिन का समय मिलेगा, अगर कंपनियां 10 जुलाई को फॉर्म 16 जारी करती हैं। गौरतलब है कि इस साल 31 जुलाई फिलहाल रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख है। इसलिए हो सकता है कि सीबीडीटी रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को बढ़ जाए। अगर ऐसा होता है तो फिर लाखों करदाताओं को इसका फायदा मिलेगा।
सीबीडीटी ने इस साल एक नया फॉर्म 24Q जारी किया था। इस फॉर्म के जरिए कंपनियां अपने कर्मचारियों का सैलरी पर लगने वाले टीडीएस रिटर्न को दाखिल करती है। अब इस फॉर्म को जारी करने की तारीख भी 31 मई से बढ़ाकर के 30 जून कर दी है। फॉर्म 24Q में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
आयकर विशेषज्ञ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण कुमार भारती का कहना है कि जब नियोक्ता से फॉर्म-16 में ज्यादा जानकारी मांगी जाएगी तो नियोक्ता भी कर्मचारियों से ज्यादा जानकारी मांगेंगे। ऐसे में कर्मचारियों को एक-एक डिडक्शन की सही जानकारी देनी होगी और यदि वे फर्जीवाड़ा करेंगे तो बच नहीं पाएंगे।
इससे पहले आयकर विभाग ने आईटीआर फॉर्म में भी बड़ा बदलाव करते हुए इसे काफी जटिल बना दिया था। सबसे बड़ा परिवर्तन खेती से आय लेने वाले नौकरीपेशा के लिए था, जिन्हें 5 हजार से ज्यादा आय होने पर आईटीआर-2 दाखिल करना पड़ेगा। इसे पहले के 17 पेज से बढ़ाकर 23 पेज का कर दिया गया है, जो काफी जटिल हो गया है।