10 दिन में वापस आ जाएगा पैसा
अगर उपभोक्ता अपने मोबाइल वॉलेट से अवैध ट्रांजेक्शन की शिकायत समय पर करता है तो पीपीआई की ओर से शिकायत के 10 दिन के भीतर पैसा उपभोक्ता के खाते में वापस आ जाएगा। पीपीआई जारीकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी शिकायत का निपटान 90 दिनों के भीतर करके उपभोक्ता की देयता तय करनी होगी। अगर पीपीआई 90 दिनों के भीतर मामले का निपटारा नहीं कर पाता है तो फर्जीवाड़े की राशि उपभोक्ता को वापस मिल जाएगी, चाहे उसकी गलती हो या न हो।
तीन दिन में शिकायत जरूरी
उपभोक्ता अवैध लेनदेन की शिकायत अगर समय पर नहीं करता है या उसके मोबाइल वॉलेट से अवैध ट्रांजेक्शन उसकी गलती से हुआ है तो ऐसी स्थिति में फर्जीवाड़े की रकम उसे ही चुकानी होगी। इसलिए जरूरी है कि उपभोक्ता इसकी शिकायत तीन दिनों के भीतर करे। अगर वह चार से सात दिन में इसकी शिकायत करता है तो 10 हजार रुपये तक के फर्जीवाड़े की रकम उसे चुकानी होगी।
एनसीएससी ने की थी मांग
नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोआर्डिनेटर (एनसीएससी) ने पिछले दिनों डिजिटल पेमेंट पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ हुई समीक्षा बैठक में वॉलेट के डाटा और लेनदेन को सुरक्षित करने के नियम बनाने की मांग की थी।
इस पर आईटी मंत्रालय ने आरबीआई को मोबाइल वॉलेट को लेकर उचित दिशा-निर्देश जारी करने को कहा था। अभी तक नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और सेवा प्रदाता कंपनियों के बीच करार में वॉलेट की सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं के हित में कोई नियम नहीं थे।