निवेश पर जोखिम घटाने के लिए एकमुश्त पैसे लगाने के बजाय सिप को बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें भी सीधे शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पैसे लगा सकते हैं। बचत योजनाओं पर कम ब्याज और बाजार में अनिश्चितता के बीच सिप के लिए स्टॉक और म्यूचुअल फंड में कौन सा मुनाफे का विकल्प होगा, जानकारी देती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
उतार-चढ़ाव के बीच लगाएं इक्विटी सिप पर दांव
पीएन फिनकैप के सीईओ एके निगम का कहना है कि जब शेयर बाजार में भारी अनिश्चितता का दौर चल रहा हो, तो सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिए स्टॉक में पैसे लगाना बेहतर होता है। ऐसे माहौल में अगर आप बाजार में सीधे एकमुश्त निवेश करते हैं, तो जोखिम बढ़ सकता है। वैसे तो खुदरा निवेशकों के लिए इक्विटी सिप में पैसे लगाना शेयर बाजार में प्रवेश करने का सबसे बेहतर विकल्प होता है, लेकिन यह म्यूचुअल फंड सिप से पूरी तरह अलग होता है।
इसके जरिए निवेशक हर सप्ताह, पाक्षिक या मासिक आधार पर स्टॉक खरीद सकते हैं। ब्रोकरेज या फंड हाउस एक निश्चित संख्या अथवा राशि के शेयर खरीदने की अनुमति देते हैं। अगर आप चाहें तो एक ही स्टॉक के कई शेयर ले सकते हैं या अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीदकर अपना पोर्टफोलियो बना सकते हैं।
ध्यान रखें...शेयर कब बेचना है
सिप के जरिए स्टॉक में पैसे लगाने वाले निवेशकों को शेयर बाजार से जु़ड़ी खबरों के प्रति सचेत रहना चाहिए। यहां म्यूचुअल फंड की तुलना में ज्यादा जोखिम होता है। लिहाजा जानकारी के अभाव में नुकसान हो सकता है। निवेशक को इसका पूरा आकलन कर लेना चाहिए कि उसे खरीदे गए स्टॉक को बेचकर कब बाहर आना है।
उदाहरण के लिए, यस बैंक के शेयरों ने एक समय बंपर रिटर्न दिया। बाद में जिन निवेशकों ने स्टॉक पर नजर नहीं रखी, उन्हें बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा। अभी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है, तो कम मूल्य वाले शेयर खरीदकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। बाजार के इस गणित को समझ लिया तो इक्विटी सिप से 20 प्रतिशत तक रिटर्न मिल सकता है।
जानकारी हो तभी चुनें स्टॉक सिप
- 20 प्रतिशत तक रिटर्न हासिल कर सकते हैं सिप से स्टॉक में निवेश पर
- 12-15 प्रतिशत रिटर्न आसानी से मिल जाता है म्यूचुअल फंड के सिप में
बाजार विश्लेषक संदीप जैन का कहना है कि
सिप के जरिये स्टॉक में निवेश का विकल्प तभी चुनें, जब आपको शेयर बाजार में पैसे लगाने का अनुभव हो। ऐसा नहीं है, तो किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही पैसे लगाने का जोखिम उठाएं। चूंकि, यहां पोर्टफोलियो संभालने की जिम्मेदारी निवेशक की होती है, इसलिए सही आकलन नहीं होने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कम जोखम के साथ अच्छा मुनाफा चाहिए तो...
अगर आप म्यूचुअल फंड से सिप में पैसे लगाते हैं, तो जोखिम कम हो जाता है। यहां इक्विटी फंडों में भी पैसे लगाने के विकल्प मिलते हैं और सबसे बड़ी बात कि प्रबंधन की जिम्मेदारी फंड मैनेजर की होती है। यानी निवेशक पर बोझ नहीं पड़ता, बल्कि मामूली शुल्क लेकर फंड हाउस सिप की देखरेख करते हैं।
इक्विटी में भी निवेश का मौका
बिना जोखिम उठाए लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड के जरिये सिप में पैसे लगाना सबसे अच्छा विकल्प है। निवेशक जो पहली बार शेयर बाजार में पैसे लगाना चाहते हैं, उनके लिए इक्विटी सिप सबसे अच्छा तरीका है। यहां डेट म्यूचुअल फंड का विकल्प भी मिलता है, जो सिप के जोखिम को कम कर देता है। हालांकि, इस पर रिटर्न थोड़ा कम रहेगा। सही प्रबंधन से म्यूचुअल फंड सिप में भी 12-15 प्रतिशत तक रिटर्न हासिल किया जा सकता है।