बैंकों का तर्क है कि वो ग्राहकों से कह रहे हैं कि वो अपने एटीएम पिन को नेट बैंकिंग या फिर मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से जेनरेट करें, जिस पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगता है।
घट सकते हैं मुफ्त ट्रांजेक्शन
बैंकों ने आरबीआई को जो प्रस्ताव दिया है उसके मुताबिक प्रत्येक ग्राहक को हर महीने मिलने वाले मुफ्त ट्रांजेक्शन की संख्या को घटाया जा सकता है। अभी ज्यादातर बैंक कुल मिलाकर 8 ट्रांजेक्शन मुफ्त देते हैं, जिनमें 5 अपनी बैंकों पर और 3 अन्य बैंकों पर मिलते हैं। इनको घटाकर के कुल 5 किया जा सकता है।
इतनी बढ़ेगी फीस
बैंक इसके अलावा एटीएम पर होने वाले नॉन बैंकिंग ट्रांजेक्शन की फीस को भी 18 रुपये से बढ़ाना चाहते हैं। यह बढ़कर के 25 रुपये तक हो सकती है। इस फीस को 2012 में तय किया गया था और तब से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। एटीएम से एक ट्रान्जेक्शन की लागत एक दिन का 23 रुपये आती है।