विदेश में रहकर आए हैं तो जानकारी दें
आयकर अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान यदि कोई करदाता विदेश में रहकर आया है तो उसे विदेशी आमदनी की भी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा यदि किसी कंपनी के निदेशक रहे हैं, तो उसकी भी विस्तृत जानकारी इस बार आईटीआर फॉर्म में देेनी पड़ेगी।
कालेधन पर करेंगे चोट
आयकर अधिकारी ने बताया कि कालेधन को सफेद बनाने के एक विशेष तरीके पर चोट करेंगे। अब असूचीबद्घ कंपनियों में निवेश की जानकारी भी करदाताओं को देनी होगी। इस बार वैयक्तिक करदाता और हिंदू अविभाजित परिवार को भी इस तरह के निवेश पर कंपनी का नाम, शेयर का अंकित मूल्य, खरीद मूल्य, समय और खर्च की रकम बतानी होगी। अभी तक इसमें जमा-खर्ची का एजेंटों के जरिये चेक लेकर करोड़ों का निवेश होता है और उसे संबंधियों को दाम पर बेच दिया जाता है।
लेनी पड़ेगी पेशेवर की मदद
आयकर मामलों के जानकार चार्टर्ड अकाउंटेंट कमलाकर मिश्रा का कहना है कि इस बार आईटीआर-2 भरने में पिछले वर्ष के मुकाबले तीन गुना ज्यादा समय लगेगा। इसमें पेज बढ़ाने के साथ ऐसी-ऐसी जानकारियां मांगी गई हैं, जिन्हें भरना आम करदाता के लिए संभव नहीं होगा। लिहाजा सहज फॉर्म को छोड़कर अन्य आईटीआर भरने में पेशेवर की मदद लेनी पड़ेगी।