किसी भी उपभोक्ता के लिए जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने का मूल उद्देश्य जिंदगी में अप्रत्याशित घटना के बाद आश्रितों के जोखिम को कम करना है। अधिकतर जीवन बीमा पॉलिसी, टर्म प्लान या पारंपरिक इंडोमेंट प्लान दुर्घटना या बीमारी जैसी स्थितियों में बीमाधारक के लिए मददगार साबित नहीं होते हैं। ऐसे में अपनी जरूरत के अनुरूप राइडर को बीमा पॉलिसी में शामिल कर इसे और कारगर बनाया जा सकता है।
अगर कोई बीमाधारक दुर्घटना में विकलांग हो जाए और उसकी आय पर असर पड़ने से वह समय पर प्रीमियम नहीं चुका सके तो उसका पॉलिसी लेने का उद्देश्य खत्म हो जाएगा। इसी तरह, बीमारी या दुर्घटना के बाद अस्पताल के भारी-भरकम बिल को चुकाने में भी पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसी किसी भी तरह से मददगार नहीं होगी। इन परिस्थितियों से बचने के लिए अगर दूसरी पॉलिसी ली जाती है तो उसका खर्चा और प्रीमियम भी ज्यादा होगा। ऐसे में बीमाधारक के लिए सबसे सही रास्ता राइडर शामिल करने का होता है। लगभग सभी बीमा कंपनियां पहले से चल रही पॉलिसी में राइडर को शामिल करने का विकल्प देती हैं। अपनी जरूरत के अनुरूप सही राइडर का चुनाव का पॉलिसी की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है।
जीवन बीमा पॉलिसी में अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ने के लिए राइडर का इस्तेमाल होता है, जो पूरी तरह वैकल्पिक है। कोई भी बीमा कंपनी इसे मूल पॉलिसी के साथ जोड़कर नहीं देती है। अगर कोई कंपनी मूल बीमा पॉलिसी के साथ इसे शामिल कर बेचती है तो वह आपके मूल सम-एश्योर्ड पर अतिरिक्त सुविधा या कवरेज उपलब्ध कराएगी। राइडर किसी भी बीमा प्लान, टर्म प्लान, इंडोमेंट प्लान, मनी बैक प्लान या यूलिप के साथ जुड़कर नहीं आता, बल्कि यह बीमाधारक की जरूरत के हिसाब से पॉलिसी को अनुकूल बनाता है।
एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट : किसी दुर्घटना में जान गंवाने पर यह राइडर जीवन बीमा धारक को अतिरिक्त सम एश्योर्ड मुहैया कराता है। मसलन, पॉलिसी अगर 25 लाख सम एश्योर्ड की है और राइडर 10 लाख का, तो धारक को कुल 35 लाख रुपये मिलेंगे।