देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट अमेरिका की रिटेल कंपनी वॉलमार्ट का हिस्सा बन जाएगी। वॉलमार्ट इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी शेयर खरीद लेगा, जिसके बाद यह देश में अमेजॉन को कड़ी टक्कर देगा।
कई महीनों से चल रही थी बातचीत
वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट को खरीदने की बातचीत काफी महीने से चल रही थी। इस डील को कराने में सॉफ्टबैंक का प्रमुख योगदान रहा है। गौरतलब है कि देश में ई-कॉर्मस मार्केट अगले 10 सालों में 200 बिलियन डॉलर को पार चला जाएगा। हालांकि इससे पहले सॉफ्टबैंक अपने शेयर को बेचने से मना कर रहा था, क्योंकि वॉलमार्ट ने कंपनी की वैल्यूएशन काफी कम लगाई थी।
अमेजॉन करेगी 5 बिलियन डॉलर का निवेश
अमेजॉन की भारतीय बाजार पर नजर काफी पहले से है। वह अपने एक्सपेंशन प्लान को लेकर भी गंभीर है। उसने भारतीय बाजार में करीब 5 अरब डॉलर के निवेश की योजना भी बना रखी है। इससे पहले खबर आई थी कि फ्लिपकार्ट में 40 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए वॉलमार्ट उससे बातचीत कर रही है।
21 अरब डॉलर की कंपनी है फ्लिपकार्ट
वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट से डील हो जाने पर सबसे ज्यादा नुकसान अमेजॉन को होगा। डील के बाद फ्लिपकार्ट अमेजन के खिलाफ वह अधिक ताकत के साथ मुकाबला कर पाएगी, क्योंकि पिछले काफी समय से दोनों में कड़ी टक्कर देखने को मिली है। इसे अमेजॉन के लिए इसलिए भी चुनौती माना जा सकता है क्योंकि अमेजॉन भारत में आक्रामक तरीके से विस्तार कर रही है।
कंपनी ने यहां 5 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। फ्लिपकार्ट में अधिकांश हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील की कुल वैल्यू 21 बिलियन डॉलर की आंकी जा रही है।