फेसबुक का इस पूरी कवायद के लिए तर्क है कि सभी बैंक एसएमएस की जगह उसकी मैसेंजर सेवा का प्रयोग करें। केवल अमेरिका में 1.3 बिलियन लोगों के पास एसएमएस के जरिए बैंकिंग सेवाओं की जानकारी पहुंचती है।
मैसेंजर सेवा से कमाना चाहता है पैसे
फेसबुक अपनी मैसेंजर सेवा से पैसे कमाना चाहता है, जिसके लिए उसने बैंकों से संपर्क किया है। हालांकि फेसबुक में डाटा चोरी विवाद के बाद से बैंक इस तरह की सेवाएं लेने से हिचकिचा रहे हैं। कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति के 2016 में हुए चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में 8.7 करोड़ लोगों का डाटा चोरी करने का आरोप भी लगा था।
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निजी जानकारी के सार्वजनिक होने का खतरा
अगर सही में फेसबुक बैंकों के साथ मिलकर ऐसा करता है तो इससे हमारी-आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा है, क्योंकि इससे हैकर भी फायदा उठा सकते हैं और आपके खाते से बैलेंस कभी भी साफ हो सकता है।