लॉकडाउन के दौरान नवरात्र पड़ रहे हैं। ऐसे में सराफा कारोबार को जोर का झटका लग सकता है। श्री सराफा कमेटी के मंत्री देवेंद्र गोयल का कहना है कि पहले मंदी, ओलावृष्टि के कारण खरीदार कम थे, लेकिन अब कोरोना ने सब चौपट कर दिया है।
मुंबई, राजकोट समेत सभी सप्लाई खत्म हैं। नवरात्र में बाजार उठने की उम्मीद थी। शेयर बाजार में गिरावट के बाद सोने और चांदी की बिक्री नवरात्र में होने का अनुमान था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बंद
लॉकडाउन के असर से इलेक्ट्रोनिक्स, मोबाइल और एसेसरीज के बाजार भी अछूते नहीं है। हालांकि ऑन लाइन डिलीवरी के कारण पहले ही कारोबार को झटका था, लेकिन अब लॉक डाउन के दौरान नवरात्र में न ऑन लाइन और न ही ऑफ लाइन ही इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल की बिक्री हो पाएगी।
मोबाइल फोन विक्रेता लोकेंद्र अग्रवाल का कहना है कि नवरात्र में बाजार की मंदी दूर होने की सभी उम्मीदें धराशाई हो गईं। हालांकि उनका मानना है कि कोरोना वायरस केकहर के आगे बाजार बंद करना ठीक कदम है। बंदी के अलावा कोई अन्य विकल्प भी नहीं है।
सर्दी के बाद गर्मियों के लिए नए सीजन के जूतों का उत्पादन आगरा में चल रहा था। पहले रॉ मैटेरियल की कमी के कारण कारोबार प्रभावित था, लेकिन अब लॉक डाउन के कारण जूता फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप है।
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागनदास रामानी ने 25 मार्च तक फैक्टरियों की बंदी की घोषणा की है। लॉक डाउन में 31 मार्च तक बाजार बंद रहेंगे। कोरोना का असर पूरे देश में है, ऐसे में फुटवियर के आर्डर ही बंद हैं। देश भर में जूतों के उत्पादन का 65 फीसदी हिस्सा आगरा में बनता है।
जिस खतरनाक तरीके से कोरोना कहर बरपा रहा है, उसे देखते हुए आर्थिक नुकसान तो झेल लेंगे, लेकिन जान का नुकसान नही झेल पाएंगे। आर्थिक नुकसान की भरपाई तो बाद में भी की जा सकती है। - टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल