औद्योगिक गतिविधियों में आई सुस्ती की मार बेरोजगारों पर पड़ेगी। उद्योगों से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से अगले कुछ दिनों तक 60-65 फीसदी साक्षात्कार और हाइरिंग को टाला जा सकता है। टीमलीज सर्विसेज के बिजनेस हेड अमित वडेरा ने कहा, हमारा अनुमान है कि कंपनियां 65 फीसदी साक्षात्कार को रद्द कर रही हैं और लॉकडाउन की वजह से यह अगले कुछ दिनों तक खिसक सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, रिटेल, लॉजिस्टिक्स पर दिख रहा है। फिलहाल कंपनियां अपने उत्पादन के लिए तकनीक पर ही निर्भर कर रही हैं। इससे अगली तिमाही में भी 15 फीसदी तक भर्ती प्रभावित हो सकती है।
चीन के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोपीय देशों की कंपनियों पर कोरोना वायरस की भीषण मार पड़ने वाली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा संकट से यूरोप की टॉप-100 कंपनियों का ब्रांड मूल्य इस साल 81.39 लाख करोड़ रुपये कम हो सकता है। इसमें सबसे ज्यादा विमानन, तेल एवं गैस, टूरिज्म, होटल-रेस्टोरेंट और रिटेल क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी। हालांकि, ऑटोमोबाइल कंपनियों खासतौर से जर्मनी की मर्सिडीज बेंज को इसका मिलेगा। एक स्वतंत्र ब्रांड वैल्यूएंशन कंपनी ने कहा कि इटली, फ्रांस सहित कोरोना वायरस से अधिक पीड़ित देशों में ज्यादातर यूरोपीय हैं। ऐसे में यहां की कंपनियों के ब्रांड वैल्यू को 2020 में बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।