90000 करोड़ रुपये के पार कर गया मोबाइल फोन का निर्यात
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा कि मोबाइल फोन का निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में 90 हजार करोड़ रुपये (करीब 11.12 अरब डॉलर) के पार कर गया है, जो वित्त वर्ष-2022 में 45 हजार करोड़ रुपये था।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी 58 फीसदी की वृद्धि
उन्होंने कहा, कोई भी अर्थव्यवस्था या क्षेत्र निर्यात के बिना एक बड़ी और जीवंत वैश्विक अर्थव्यवस्था नहीं बन सकती है। मोबाइल फोन निर्यात का सिलसिला जारी है। वित्त वर्ष 20222-23 में मोबाइल फोन के निर्यात में सौ फीसदी वृद्धि के साथ 90 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार हो गया, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी 58 फीसदी की वृद्धि के साथ 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है।
10 अरब डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात का लक्ष्य
आईसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा, यह बेहद संतोषजनक है कि हमने वर्ष के लिए 75,000 करोड़ रुपये के लक्षित आंकड़े को पार कर लिया है। सरकार ने देश से 10 अरब डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात का लक्ष्य रखा है।
आईफोन निर्माता एप्पल की 50 फीसदी हिस्सेदारी
उद्योग सूत्रों के अनुसार, अनुमान है कि 5.5 अरब डॉलर मूल्य के मेड इन इंडिया आईफोन के निर्यात में एप्पल की 50 फीसदी हिस्सेदारी (45 हजार करोड़ रुपये) है। सूत्रों का अनुमान है कि 36 हजार करोड़ रुपये के निर्यात के साथ सैमसंग की करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी है।
कुल निर्यात में थर्ड पार्टी का 1.1 अरब डॉलर का योगदान
उन्होंने कहा, तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के निर्यात ने कुल निर्यात में करीब 1.1 अरब डॉलर का योगदान दिया। ये कंपनियां भारत में बने सभी ब्रांड के फोन निर्यात करती हैं। सरकार ने 2025-26 तक 300 अरब डॉलर मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का लक्ष्य रखा है और 120 अरब डॉलर निर्यात से आने की उम्मीद है।
50 अरब डॉलर से ज्यादा का योगदान का अनुमान
2025-26 तक मोबाइल फोन के निर्यात में 50 अरब डॉलर से ज्यादा का योगदान होने का अनुमान है। आईसीईए के अनुसार, मोबाइल फोन निर्यात अब कुल इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात का 46 फीसदी है।
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