कभी भारत की तरह ब्रिटिश उपनिवेश रहे केन्या 1963 में आजाद होकर स्वतंत्र राष्ट्र बना। आजादी के लगभग 55 साल बाद भी इस देश में अमीरों और गरीबों के बीच की खाई साफ दिखती है। यहां जो अमीर हैं वह खूब अमीर हैं जबकि जो गरीब हैं वह अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं। इस देश में भारत जैसे मध्यमवर्गीय लोगों की संख्या बेहद कम है।
साल 1895 से 1963 के बीच यह देश ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन था। यहां की कुल संपत्ति का बहुत बड़ा भाग चंद लोगों के पास सीमित है। जबकि अधिकांश आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है।
केन्या अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित है। क्षेत्रफल के अनुसार विश्व का 49वां बड़ा देश है। केन्या की स्थलीय सीमा 3447 किलोमीटर लंबी है। इसमें दक्षिणी सूडान के साथ 232 किलोमीटर, इथियोपिया के साथ 861 किलोमीटर, सोमालिया के साथ 682 किलोमीटर, तंजानिया के साथ 769 किलोमीटर और युगांडा के साथ 933 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। समुद्र तट की लम्बाई 536 किलोमीटर है जो हिंद महासागर से मिलती है।
केन्या लोकतांत्रिक गणराज्य है। राष्ट्रपति, राज्य का प्रमुख और सरकार का मुखिया दोनों होता है। यहां बहुदलीय प्रणाली है। यहां न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका से स्वतंत्र है।
केन्या की सकल राष्ट्रीय आय 3 लाख करोड़ रुपए है। केन्या की जीडीपी विकास दर हर साल 5.8 फीसदी की दर से बढ़ रही है। जबकि मुद्रास्फीति की दर 4.28 के आस पास है।
(कॉमनवेल्थ डॉट ओआरजी के अनुसार)
यहां की अर्थयव्यवस्था मूल रूप से कृषि आधारित है। यह पूर्वी अफ्रीका का सबसे विकसित देश है। जो मुख्य रूप से चाय और कॉफी के उत्पादन में अग्रणी है। इसने पिछले दो दशकों से लगातार पांच प्रतिशत के हिसाब से विकासदर को पाया है।