कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ रहे हमारे कदमों में यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) एक बड़ा गेम चेजर साबित हो रहा है। अब आईपीओ में खुदरा निवेशक यूपीआई के जरिए भी पेमेंट कर सकेंगे। पूंजी बाजार नियामक सेबी का मानना है कि इससे इश्यू के बाद शेयरों की लिस्टिंग 3 दिन में हो सकेगी। अभी समयसीमा 6 दिन है। मैनुअल हस्तक्षेप कम होने से कंपनियों की लागत कम होगी।
सेबी ने प्रस्ताव पर आने वाली 15 अगस्त तक राय मांगी है। यूपीआई तत्काल भुगतान करने वाला सिस्टम है। इससे एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकता है। अभी आईपीओ में निवेशक एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट के जरिए पैसा लगाते हैं। इसमें निवेशक के अकाउंट मैं पैसा ब्लॉक रहता है।
आईपीओ में ऐसे काम करेगा यूपीआई
निवेशक को अपने बैंक अकाउंट के साथ एक यूपीआई आईडी क्रिएट करना पड़ेगा। आईपीओ के लिए अभी की तरह बिड डिटेल भरनी पड़ेगी। यूपीआई आईडी भी देनी पड़ेगी। फॉर्म ब्रोकर के पास जमा होगा। ब्रोकर यूपीआई आईडी के साथ स्टॉक एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म पर बिड डिटेल अपलोड करेगा। एक्सचेंज निवेशक के पैन और डिमैट अकाउंट को डिपॉजिटरी से वैलिडेट करेगा।