ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : विदेश मंत्रालय
ईरान से तेल आयात करने पर अमेरिकी पाबंदी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पक्षों से बातचीत समेत सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान से तेल आयात शून्य करने का जिक्र है, संबंध तोड़ने का नहीं। उन्होंने कहा कि बयान सिर्फ भारत के लिए नहीं था बल्कि सभी देशों के लिए था।
हितों को ध्यान में रखकर लेंगे फैसला
दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जिससे हमें कच्चा तेल आयात करने में मुश्किलें आएं। हम लैटिन अमेरिका, ब्रूनेई यहां तक अमेरिका से तेल आयात कर रहे हैं। हमने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं और प्रतिस्पर्धी कीमत पर हम तेल खरीदेंगे। ईरान पर कोई फैसला लेंगे तो इसकी जानकारी देंगे। भारत परिपक्व लोकतांत्रिक देश है। हम अपने हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेंगे।
टैरिफ मुद्दा सुलझने पर उत्पाद शुल्क वृद्धि वापस होगी
आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिए कि यदि टैरिफ को लेकर उत्पन्न गतिरोध को अमेरिका हल कर लेता है तो भारत उसके 29 उत्पादों पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क के फैसले को वापस ले लेगा। यह फैसला 4 अगस्त से लागू होना है। अधिकारियों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि टैरिफ का मुद्दा 4 अगस्त से पहले दोनों पक्ष सुलझा लेंगे। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई तीन दिवसीय बैठक में इस पर चर्चा हुई। अमेरिका में अगले महीने होने वाली बैठक में फिर से चर्चा होगी। अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने के बाद भारत ने भी दालों, लोहा और स्टील उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।