जी के साथ अपनी भारतीय शाखा के प्रस्तावित विलय प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सोनी भारत में योजना बदलते हुए नए विकल्पों की तलाश करेगा। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। सोनी के सीओओ-सीएफओ व अध्यक्ष हिरोकी तोतोकी ने कहा कि भारत एक बहुत ही आकर्षक बाजार है जहां वह निवेश करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, "लंबे समय में भारत में वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। यह एक बहुत ही आकर्षक बाजार है। इसलिए, हम विभिन्न नए अवसरों की तलाश करने की कोशिश करेंगे।"
सोनी ने पिछले महीने अपनी दो भारतीय इकाइयों कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट और बांग्ला एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (बीईपीएल) का जेडईईएल के साथ विलय करने के लिए ज़ी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के साथ एक समझौता रद्द कर दिया था।
सोनी समूह की कॉरपोरेशन (एसजीसी) ने कहा था कि जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज विलय की शर्तों को पूरा नहीं करता है। कंपनी ने एसआईएसी के समक्ष मध्यस्थता कार्यवाही शुरू कर टर्मिनेशन फीस के रूप में 9 करोड़ डॉलर (लगभग 748.5 करोड़ रुपये) का दावा किया था। उधर, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ेडल) ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर कर सोनी ग्रुप को विलय योजना लागू करने का निर्देश देने की मांग की है।
सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) ने 4 फरवरी को सोनी समूह की उस अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने जेडईईएल को असफल विलय को लागू करने के लिए एनसीएलटी में जाने से रोकने की मांग की थी।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ इस संबंध में दायर याचिका पर सोनी को पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। एनसीएलटी ने 10 अगस्त, 2023 को विलय की योजना को मंजूरी दी थी, जिससे 10 बिलियन अमरीकी डालर की एक मीडिया इकाई बन सकती थी। यदि विलय पूरा हो जाता, तो संयुक्त इकाई के पास 70 से अधिक टीवी चैनल, दो वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं - जी5 और सोनी लिव - और दो फिल्म स्टूडियो- जी स्टूडियोज और सोनी पिक्चर्स फिल्म्स इंडिया का स्वामित होता। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा मनोरंजन नेटवर्क होता।