सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने न केवल नशे में धुत टैक्सी चालकों को शराब पीकर टैक्सी चलाने के लिए मना किया, बल्कि नशे में धुत पैसेंजर को भी टैक्सी में चढ़ने पर रोक लगाई है। नए मोटर व्हीकल ड्राइविंग रेगुलेशन 2017 (एमवीआर) के अनुसार, ड्राइवर को नशे में धुत पैसेंजर को टैक्सी में नहीं बैठा सकता है। इसको लेकर ड्राइवर को सख्त निर्देश दिया गया है।
एमवीआर 2017 के नियम 5 के अनुसार, चालक सख्ती से शराब और नशीली दवाओं और धूम्रपान का सेवन करने वाले पैसेंजर को कैब की सुविधा मुहैया नहीं कराएगा और इस कानून का सही से पालन करेगा। साथ ही यात्री भी इस कानून का पालन करें, इसके बारे में कैब ड्राइवर पहले से नियम के बारे में सूचित करेगा।
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न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, केरल मोटर वाहन विभाग के सीनियर डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमीश्नर (टैक्स) वी सुरेश कुमार ने कहा कि ड्राइवरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों को नशे में धुत नहीं होना चाहिए। कुमार ने कहा कि ड्राइवर को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पैसेंजर नशे की लत में न हो, अन्यथा उन्हें नए नियम के तहत दंडित किया जाएगा।
इससे संबंधित नया नियम 23 जून को आया था, लेकिन सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है। इस नए दिशा-निर्देश में 40 नियम और 500 उप-नियम हैं। नए दिशानिर्देशों में, 40 से अधिक नियम और 500 उप-नियम हैं । लेकिन शराब निषेध नियम के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवर की जिम्मेदारी है, कि क्या उनके पैसेंजर नशे में धुत हैं या नहीं। हालांकि, इस मामले में एक अधिकारी ने ये भी कहा कि वे अपने ग्राहकों से नहीं पूछ सकते हैं या यह फैसला नहीं कर सकते कि उनके पैसेंजर ने कितनी शराब पी है।