हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें 2015 से 2017 तक पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों का पूरा लेखा-जोखा था। इस रिपोर्ट के मुताबिक कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों से पैसे तो लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें कम पेट्रोल दिया जाता है।
ऐसे होती है घटतौली
कई बार पंप ऑपरेटर मशीन में रुपये भरता है, जितना ग्राहक पेट्रोल चाहते हैं। नॉजेल को कार-बाइक की टंकी में डालते ही मीटर को चला दिया जाता है, लेकिन मीटर तय कीमत से पहले या बाद में रुक जाता है। इससे एक लीटर पेट्रोल में कम से कम 200 एमएल तक की कमी की जाती थी।