केंद्रीय मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, बिजली चोरी देशभर में बड़ी समस्या है, जिसके चलते बिजली कंपनियों को भारी नुकसान होता है। इसके मद्देनजर, मंत्रालय बिजली चोरी रोकने के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रहा है, जो आर्थिक पुरस्कार हो या किसी तरह की छूट या फिर अन्य।
उन्होंने कहा कि सभी हिस्सेदारों के साथ इस पर विचार-विमर्श कर उनसे मशविरा लिया जाएगा। सबसे बेहतर उपायों को ही बिजली चोरी रोकने को लागू किया जाएगा। अधिकारी ने बताया हमारा आशय स्पष्ट है चोरी बताएं और 24 घंटे बिजली पाएं। इसके अलावा, जिन जिलों में बिजली चोरी 15 फीसद कम है, उनकी आपूर्ति को कटौती मुक्त किया जाए। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरणों को ऐसे जिलों के आंकड़े जुटाने को कहा गया है। उसने सभी बिजली वितरण कंपनियों से इस बारे में सूचना मांगी है।
प्राधिकरण ने 3 साल का आंकड़ा मांगा
प्राधिकरण ने बिजली कंपनियों से पिछले तीन साल का आंकड़ा मांगा है। इसमें उन्हें प्रत्येक वर्ष का औसत एटीएंडटी के अलावा, मौजूदा साल का मासिक औसत आंकड़ा देना होगा। गौरतलब है कि सरकार ने साल 2019 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सभी के लिए ऊर्जा दस्तावेज आधारित समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है।