केरल के पूर्व वित्त मंत्री थॉमस आइजैक को प्रवर्तन निदेशालय ने केआईआईएफबी के वित्तीय लेनदेन में उल्लंघनों की जांच से जुड़े फेमा मामले में तलब किया है। ईडी ने उन्हें 12 जनवरी को पेश होने के निर्देश दिए हैं। एक आधिकारिक सूत्रों ने मामले की जानकारी दी।
प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर में केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि उसने थॉमस आइजैक को जारी समन वापस ले लिया है। थॉमस आइजैक और केआईआईएफबी के एक अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये दलीलें दी गईं, जिसमें आरोप लगाया गया कि ईडी द्वारा समन के जरिए केवल व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई थी, जिसे रद्द करने की मांग की गई थी। एजेंसी द्वारा समन वापस लेने के मद्देनजर हाईकोर्ट ने याचिकाओं का निपटारा कर दिया, लेकिन साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि ईडी मामले में अपनी जांच जारी रखने के लिए स्वतंत्र है।
थॉमस आइजैक को समन हाईकोर्ट द्वारा एजेंसी को केआईआईएफबी द्वारा जुटाए गए 2 हजार करोड़ रुपये के अंतिम उपयोग के लिए विदेश मुद्रा प्रबंधन अधिनियम(फेमा) के प्रावधानों के तहत जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति देने के आलोक में जारी किया गया हैं। गौरतलब हैं कि केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य की प्राथमिक एजेंसी हैं। बड़े पैमाने पर फंडिंग के लिए 50 हजार करोड़ रुपये जुटाने की अपनी योजना के तहत 2019 में पहले मसाला बांड जारी करके 2150 करोड़ रुपये जुटाए थे। प्रवर्तन निदेशालय को फेमा के उल्लंघन की आशंका हैं, इसलिए जांच शुरू की गई हैं।
मामले की हो गहनता से जांच- सुरेंद्रन
केआईआईएफबी मसाला बांड मामले में केरल के पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक को नोटिस जारी होने पर केरल भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि यह मुद्दा बहुत संवेदनशील है। इसलिए इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। मुझे लगता है कि कानून अपना काम कर रहा है।